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सड़क पर भीख मांगने से अच्छा है बार में नाचना: सुप्रीम कोर्ट

Mon, 25 Apr 2016 04:02 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 25 Apr 2016 04:02 PM IST
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Better to dance in bars than to beg on streets: SC
बार डांस संचालकों को लाइसेंस जारी करने के आदेश - फोटो : Reuters

सु्प्रीम कोर्ट ने सोमवार महाराष्ट्र में डांस बार संचालकों को लाइसेंस देने में हो रही देरी के लिए राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि सड़क पर भीख मांगने से अच्छा है डांस करना। अपने पहले से आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को डांस बार संचालकों को लाइसेंस जारी करने के आदेश दिए थे लेकिन उस आदेश पर अब तक अमल नहीं किया गया है जिसकी वजह से कोर्ट काफी नाराज है।

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सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को लताड़ लगाते हुए कहा, 'नृत्य एक पेशा है। अगर इसमें अश्लीलता आ जाती है तो यह अपनी पुरानी पवित्रता को देती है। सरकार के नियम कानून निषेधात्मक नहीं होने चाहिए।' कोर्ट ने कहा, 'अनैतिक कार्यों में लिप्तता और सड़क पर भीख मांगने से अच्छा है कि महिलाएं डांस बार में नाच पेश करें।'
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महाराष्ट्र सरकार ने 12 अप्रैल को एक डांस बार संचालन बिल पास किया था जिसमें डांस बार में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़े कार्रवाई का प्रावधान है। इसके तहत अगर डांस बार में अश्लीलता, महिलाओं का शोषण और कोई अन्य नियम तोड़े जाते हैं तो इसके लिए बार मालिक ही जिम्मेदार माना जाएगा और उसके खिलाफ ही कार्रवाई की जाएगी। दोष सिद्ध होने पर मालिक को पांच साल की सजा और 25 हजार रुपए जुर्माना भी देना होगा।

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राज्य सरकार ने बनाए नए नियम

Better to dance in bars than to beg on streets: SC
राज्स सरकार ने बनाए कड़े कानून - फोटो : PTI

इसके अलावा किसी भी विद्यालय या धार्मिक स्थल से करीब एक किमी के अंदर डांस बार नहीं खोला जा सकता। डांस बार शाम 6:30 बजे से लेकर 11:30 बजे तक ही खुला रहेगा और साथ ही जहां नाच हो रहा है उस जगह पर शराब नहीं परोसी जाएगी। 

राज्य सरकार के इन्हीं नियमों के खिलाफ डांस बार संचालकों ने एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह तल्ख टिप्पणी की।

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