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BEST Bus Crash: 'चालक ने बस को साधन के तौर पर इस्तेमाल तो नहीं किया? इसकी जांच जरूरी', पुलिस ने कोर्ट से कहा

Wed, 11 Dec 2024 09:48 AM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Wed, 11 Dec 2024 09:48 AM IST
सार

मुंबई के कुर्ला इलाके में सोमवार रात को हुए हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी और 42 अन्य घायल हो गए थे। कोर्ट चालक संजय मोरे (54) को 21 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

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BEST Bus Crash: Want To Check If Bus In Mumbai Accident Was Used As A Weapon: Cops To Court
BEST Bus Crash - फोटो : PTI

विस्तार

कुर्ला में बस हादसे के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मुंबई के आरटीओ अधिकारियों को संदेह है कि कुर्ला बस हादसे का मूल कारण 'मानवीय भूल' और 'उचित प्रशिक्षण का अभाव' हो सकता है। इस बीच  मुंबई पुलिस ने अदालत को बताया कि उसे इसकी जांच करने की जरूरत है कि बेस्ट बस हादसे में कहीं बस चालक ने घटना को जानबूझकर तो अंजाम नहीं दिया या कहीं उसने वाहन को एक साधन के तौर पर इस्तेमाल तो नहीं किया?

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दरअसल, मुंबई के कुर्ला इलाके में सोमवार रात को हुए हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी और 42 अन्य घायल हो गए थे। कोर्ट चालक संजय मोरे (54) को 21 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
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क्या है मामला?
इससे पहले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) अंतर्गत बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति और परिवहन (बेस्ट) उपक्रम की एक बस ने सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे कुर्ला (पश्चिम) में एसजी बर्वे मार्ग पर कई वाहनों और पैदल यात्रियों टक्कर मार दी थी। आरोपी बस चालक संजय मोरे (54) को पहले हिरासत में लिया गया और बाद में गिरफ्तार करके उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) और 110 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास) तथा मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
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पुलिस की दलील
पुलिस ने उसे एक मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया और उसे हिरासत में दिए जाने की मांग करते हुए दलील दी कि कथित अपराध गंभीर है और इसकी एक गहन जांच करने की जरूरत है। पुलिस ने दलील दी कि उसे अपराध में आरोपी की मंशा की जांच करने की जरूरत है और यह भी कि क्या इसमें कोई साजिश थी। उसे इस तथ्य की भी जांच करनी होगी कि क्या चालक ने अपने बस को एक साधन के रूप में इस्तेमाल किया और क्या उसने भीड़भाड़ वाले इलाके में लापरवाही से बस चलाई, जिससे यात्रियों और पैदल चलने वालों की जान जोखिम में पड़ी।

उसने कहा कि यह जांच करना भी जरूरी है कि क्या आरोपी ने बस चलाने का प्रशिक्षण लिया था और क्या घटना के समय वह नशीले पदार्थों के प्रभाव में था। पुलिस ने यह भी कहा कि परिवहन विभाग ने अभी तक दुर्घटनाग्रस्त बस की जांच नहीं की है।


मोरे के वकील की दलील
पुलिस की हिरासत मांगने की अर्जी का विरोध करते हुए मोरे के वकील समाधान सुलाने ने कहा कि दुर्घटना बस में तकनीकी खराबी के कारण हुई होगी। उन्होंने दलील दी कि इन वाहनों को चालकों को सौंपने से पहले इनकी पूरी तरह जांच करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। सुलाने ने शॉर्ट सर्किट के कारण वाहनों में आग लगने का हवाला देते हुए कहा कि मोरे को उचित प्रशिक्षण मिला था और वह नियमित रूप से बस चला रहा था। मजिस्ट्रेट अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को 21 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।

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