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BEST Bus Accident: 'आरोपी चालक की लापरवाही से हुआ हादसा', अदालत ने कहा- बस में कोई खराबी नहीं थी

Tue, 14 Jan 2025 03:40 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: नितिन गौतम Updated Tue, 14 Jan 2025 03:40 PM IST
सार

आरोपी बस चालक ने अदालत से जमानत देने की मांग करते हुए दलील दी थी कि बस में मैकेनिकल खराबी के चलते दुर्घटना हुई। मोरे ने दावा किया है कि दुर्घटना बस के खराब रखरखाव या ब्रेक फेल होने या तकनीकी खराबी के कारण हुई। 

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BEST bus accident court says Accused driver was negligent nothing wrong with bus
बेस्ट बस हादसे की तस्वीर - फोटो : पीटीआई

विस्तार

बीते महीने मुंबई में हुई बस दुर्घटना के मामले में सत्र अदालत सुनवाई कर रही है। सत्र अदालत ने आरोपी बस ड्राइवर की जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि बस चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाई और ये मानने की कोई वजह नहीं है कि बस में कोई तकनीकी खराबी थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वी एम पठाडे ने 10 जनवरी को आरोपी चालक संजय मोरे (54) की जमानत याचिका खारिज कर दी। मंगलवार को इस आदेश की विस्तृत जानकारी सामने आई। 
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बस ने आरोपी ड्राइवर की दलीलें मानने से किया इनकार
आरोपी बस चालक ने अदालत से जमानत देने की मांग करते हुए दलील दी थी कि बस में मैकेनिकल खराबी के चलते दुर्घटना हुई। मोरे ने दावा किया है कि दुर्घटना बस के खराब रखरखाव या ब्रेक फेल होने या तकनीकी खराबी के कारण हुई। लेकिन अदालत ने इस दलील को मानने से इनकार कर दिया। आरटीओ (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) की रिपोर्ट में बताया गया है कि बस में कोई यांत्रिक खराबी नहीं थी। अदालत ने कहा, 'यह मानना मुश्किल है कि बस में कोई यांत्रिक/तकनीकी खराबी या ब्रेक फेलियर था, जिसके कारण यह दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना हुई।' 
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'ड्राइवर ने लापरवाही से लोगों की जान खतरे में डाली'
अदालत ने कहा कि ड्राइवर की लापरवाही के चलते बस में सवार यात्रियों की जान को खतरा था, बल्कि भीड़भाड़ वाली सड़क पर चलने वाले लोगों की जान भी खतरे में थी। आदेश में कहा गया, 'प्रथम दृष्टया यह देखा गया है कि आरोपी बहुत ही तेज और लापरवाही से बस चला रहा था, जबकि सड़क का इस्तेमाल कई अन्य लोग भी कर रहे थे और बस में कई यात्री भी थे।' न्यायाधीश ने कहा, 'अपराध की गंभीरता को देखते हुए और आरोपी पर जिन अपराधों के तहत मामला दर्ज किया गया है, उसमें आरोपी को जमानत पर रिहा करने का मामला उचित नहीं लगता।' 
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उल्लेखनीय है कि 9 दिसंबर को, बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) उपक्रम द्वारा संचालित इलेक्ट्रिक बस ने कुर्ला रेलवे स्टेशन के पास भीड़भाड़ वाली सड़क पर पैदल यात्रियों और वाहनों को टक्कर मार दी। दुर्घटना में सात लोगों की जान चली गई और 40 से अधिक लोग घायल हो गए। आरोपी ड्राइर संजय मोरे को उसी रात गिरफ्तार कर लिया गया था। 
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