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Bengaluru: कन्नड़ अभिनेता दर्शन को बंगलूरू जेल से स्थानांतरित किया जाएगा, वायरल तस्वीर पर हंगामे के बाद फैसला
Tue, 27 Aug 2024 03:31 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 27 Aug 2024 03:31 PM IST
सार
कर्नाटक की एक अदालत ने मंगलवार को कन्नड़ अभिनेता दर्शन थुगुदीपा को बेल्लारी जेल में स्थानांतरित करने की अनुमति दे दी, जो इस समय रेणुकास्वामी हत्या मामले में यहां परप्पाना अग्रहारा सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।
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दर्शन थूगुदीप
- फोटो : ANI
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विस्तार
बंगलूरू पुलिस ने रेणुकास्वामी हत्याकांड में आरोपी कन्नड़ अभिनेता दर्शन थूगुदीप और अन्य आरोपियों तथा उपद्रवी तत्वों को परप्पना अग्रहारा जेल से अन्य जेलों में स्थानांतरित करने की मांग की। इसके बाद अदालत ने दर्शन समेत हत्याकांड के अन्य सह-अभियुक्तों को राज्य की विभिन्न जेलों में स्थानांतरित करने की भी अनुमति दी। इससे पहले दिन में, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और गृह मंत्री जी परमेश्वर दोनों ने संकेत दिया था कि अधिकारी दर्शन को स्थानांतरित करने के विकल्प पर विचार कर रहे है, क्योंकि जेल से उनका एक वीडियो वायरल होने के बाद विवाद शुरू हो गया था।
अभिनेता दर्शन की तस्वीर पर हुआ विवाद
सोशल मीडिया पर जेल के लॉन की एक फोटो वायरल हुई थी। इसमें दर्शन एक उपद्रवी सहित तीन अन्य लोगों के साथ दिखाई दिए। तस्वीर में अभिनेता आराम के मूड में कुर्सी पर बैठे हुए और सिगरेट तथा कॉफी मग पकड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा, जेल से वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति से बात करते हुए भी दर्शन का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। न्यायिक हिरासत में बंद दर्शन को विशेष सुविधाएं देने के आरोप में सोमवार को मुख्य जेल अधीक्षक सहित नौ जेल अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया।नपत्रकारों से बातचीत करते हुए पुलिस आयुक्त बी दयानंद ने कहा कि जेल में हुई घटना के सिलसिले में तीन मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से एक मामले की जांच सहायक पुलिस आयुक्त करेंगे, जबकि दो अन्य मामलों की जांच निरीक्षक करेंगे।
जांच टीम ने मारा था छापा
पुलिस आयुक्त बी दयानंद ने कहा कि जेलों से जुड़े मामलों में अदालत की अनुमति की आवश्यकता होती है और पुलिस विस्तृत जांच के लिए अनुमति लेने की प्रक्रिया में है। तीनों मामले जेल अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत दर्ज किए गए हैं। शनिवार को जब केंद्रीय अपराध शाखा की एक टीम जेल की सभी बैरकों की जांच करने गई थी, तो सूचना मिली थी कि कुछ उपद्रवी अवैध गतिविधियों में शामिल हैं, लेकिन हमें तब कोई आपत्तिजनक सामग्री या सबूत नहीं मिले थे। अब हमें जानकारी मिली है कि हमारे वहां पहुंचने से पहले कुछ चीजें कहीं और शिफ्ट की जा सकती थीं। इस संबंध में जांच जारी है।
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पुलिस आयुक्त दयानंद ने कहा कि कर्नाटक संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (केसीओसीए) के तहत गिरफ्तारी के बाद परप्पना अग्रहारा जेल में कई उपद्रवी तत्व बंद हैं। उन्होंने कहा, 'चूंकि ऐसी आशंका है कि वे (उपद्रवी) अवैध गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं, इसलिए हमने उनसे कहीं और स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है। उपद्रवी तत्वों के साथ-साथ रेणुकास्वामी हत्या मामले में शामिल लोग, जो अभी सवालों के घेरे में हैं, हमने उन्हें भी किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए कहा है।'
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अभिनेता दर्शन की तस्वीर पर हुआ विवाद
सोशल मीडिया पर जेल के लॉन की एक फोटो वायरल हुई थी। इसमें दर्शन एक उपद्रवी सहित तीन अन्य लोगों के साथ दिखाई दिए। तस्वीर में अभिनेता आराम के मूड में कुर्सी पर बैठे हुए और सिगरेट तथा कॉफी मग पकड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा, जेल से वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति से बात करते हुए भी दर्शन का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। न्यायिक हिरासत में बंद दर्शन को विशेष सुविधाएं देने के आरोप में सोमवार को मुख्य जेल अधीक्षक सहित नौ जेल अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया।नपत्रकारों से बातचीत करते हुए पुलिस आयुक्त बी दयानंद ने कहा कि जेल में हुई घटना के सिलसिले में तीन मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से एक मामले की जांच सहायक पुलिस आयुक्त करेंगे, जबकि दो अन्य मामलों की जांच निरीक्षक करेंगे।
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जांच टीम ने मारा था छापा
पुलिस आयुक्त बी दयानंद ने कहा कि जेलों से जुड़े मामलों में अदालत की अनुमति की आवश्यकता होती है और पुलिस विस्तृत जांच के लिए अनुमति लेने की प्रक्रिया में है। तीनों मामले जेल अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत दर्ज किए गए हैं। शनिवार को जब केंद्रीय अपराध शाखा की एक टीम जेल की सभी बैरकों की जांच करने गई थी, तो सूचना मिली थी कि कुछ उपद्रवी अवैध गतिविधियों में शामिल हैं, लेकिन हमें तब कोई आपत्तिजनक सामग्री या सबूत नहीं मिले थे। अब हमें जानकारी मिली है कि हमारे वहां पहुंचने से पहले कुछ चीजें कहीं और शिफ्ट की जा सकती थीं। इस संबंध में जांच जारी है।
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पुलिस आयुक्त दयानंद ने कहा कि कर्नाटक संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (केसीओसीए) के तहत गिरफ्तारी के बाद परप्पना अग्रहारा जेल में कई उपद्रवी तत्व बंद हैं। उन्होंने कहा, 'चूंकि ऐसी आशंका है कि वे (उपद्रवी) अवैध गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं, इसलिए हमने उनसे कहीं और स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है। उपद्रवी तत्वों के साथ-साथ रेणुकास्वामी हत्या मामले में शामिल लोग, जो अभी सवालों के घेरे में हैं, हमने उन्हें भी किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए कहा है।'
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