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भारत के रक्षा बेड़े को मिलेगी नई ताकत: बोइंग और मरलिनहॉक ने मिलाया हाथ; आत्मनिर्भरता के साथ और क्या होगा खास?

Wed, 22 Jul 2026 03:19 AM IST
राकेश कुमार पीटीआई, नई दिल्ली/ बंगलूरू।
पीटीआई, नई दिल्ली/ बंगलूरू। Published by: राकेश कुमार Updated Wed, 22 Jul 2026 03:19 AM IST
सार

बोइंग और मरलिनहॉक का यह समझौता भारत की रक्षा क्षमता के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। इससे विदेशी चक्कर खत्म होंगे और भारतीय नौसेना के P-8I विमान हर समय मिशन के लिए पूरी तरह तैयार रहेंगे।
 

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bengaluru firm merlinhawk partners with boeing defence india for eo ir sustainment
मरलिनहॉक एयरोस्पेस, बोइंग डिफेंस - फोटो : @AI/अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

भारत के रक्षा क्षेत्र के लिए एक बहुत बड़ी और अच्छी खबर आई है। बंगलूरू की एक कंपनी मरलिनहॉक एयरोस्पेस ने बोइंग डिफेंस इंडिया के साथ एक खास समझौता किया है। यह समझौता देश के सैन्य जहाजों और विमानों की ताकत बढ़ाएगा। अब देश में ही रक्षा उपकरणों की देखभाल हो सकेगी। इससे हमारी सेना हर वक्त अलर्ट और तैयार रहेगी।
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क्या इस साझेदारी से सैन्य तत्परता बढ़ेगी?
इस समझौते से भारतीय रक्षा बलों को सीधा फायदा मिलेगा। अब उपकरणों की खराबी दूर करने में बिल्कुल समय नहीं लगेगा। पहले मरम्मत के लिए विदेश जाना पड़ता था। अब सारा काम भारत में ही आसानी से हो जाएगा। इससे भारतीय नौसेना के विमान हमेशा उड़ान भरने के लिए तैयार रहेंगे। देश का रक्षा ढांचा भी पहले से ज्यादा मजबूत बनेगा।
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क्या बोइंग पी-8आई बेड़े को इससे सीधा फायदा मिलेगा?
इस योजना के तहत मरलिनहॉक कंपनी अपने बंगलूरू वाले सर्विस सेंटर का इस्तेमाल करेगी। यह सेंटर खास तौर पर एल3हैरिस वेस्टकैम (L3Harris WESCAM) से प्रमाणित है। यहां आधुनिक इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड (EO/IR) सिस्टम की मरम्मत की जाएगी। साथ ही उनके रखरखाव की पूरी सुविधा मिलेगी।
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इस समझौते की पांच बड़ी बातें
  1. भारत में ही मरम्मत: आधुनिक कैमरों और सेंसरों की सर्विस अब बंगलूरू में होगी।
  2. समय की सीधी बचत: उपकरणों को विदेश भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
  3. नौसेना को सहारा: P-8I समुद्री निगरानी विमानों को बिना रुकावट सर्विस मिलेगी।
  4. प्रमाणित टीम: बंगलूरू केंद्र में पूरी तरह ट्रेनिंग प्राप्त विशेषज्ञ तैनात हैं।
  5. विश्वस्तरीय केंद्र: यह पहल भारत को दुनिया में MRO (मरम्मत और रखरखाव) का बड़ा केंद्र बनाएगी।
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आत्मनिर्भर भारत की ओर बड़ा कदम: निखिल जोशी
बोइंग डिफेंस इंडिया के प्रमुख निखिल जोशी ने इस पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना का P-8I विमान हिंद महासागर की सुरक्षा का मुख्य आधार है। मरलिनहॉक के साथ यह हाथ मिलाना 'आत्मनिर्भर भारत' की ओर एक बड़ा कदम है। इससे हमारी नौसेना को तुरंत मदद मिलेगी।

मरलिनहॉक के सीईओ कार्तिक रामिनेनी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि आजकल के रक्षा प्लेटफॉर्म बहुत हाई-टेक हो गए हैं। इसलिए देश के भीतर ही तुरंत सर्विस मिलना बहुत जरूरी है। इस कदम से विदेशी निर्भरता खत्म होगी और समय की बड़ी बचत होगी।
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