रामेश्वरम कैफे धमाका: NIA कर रही आतंकी संलिप्तता की पड़ताल; पूर्व CM बोम्मई का आरोप- सिद्धारमैया ने बरती ढिलाई
बंगलूरू पुलिस ने रामेश्वरम कैफे में विस्फोट के संबंध में कड़े गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। आतंकी संलिप्तता का संदेह होने पर जांच NIA को सौंपी गई है। पूर्व सीएम बसवराज बोम्मई का आरोप है कि कांग्रेस की सिद्धारमैया सरकार ने इस मामले में ढिलाई बरती है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बंगलूरू के राजाजीनगर स्थित रामेश्वरम कैपे में शुक्रवार दोपहर एक बजे भीषण धमाका हुआ था, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे। मामले में दावा किया जा रहा था कि रामेश्वरम कैफे में अज्ञात बैग रखा गया था, जिसके कुछ देर बाद जोरदार धमाका हुआ। इस हादसे को लेकर केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक सभी जांच पर नजर बनाए हुए हैं। अब गृह मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है। उसने इस घटना की जांच एनआईए को सौंप दी है।
गृह मंत्रालय ने बंगलूरू के रामेश्वरम कैफे में हुए धमाके की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी है। एनआईए ने मामले को फिर से दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है। बता दें, यह फैसला पिछले सप्ताह एनआईए की एक टीम के विस्फोट स्थल का दौरा करने के बाद लिया गया है।
यह है मामला
बंगलूरू पुलिस ने कैफे में विस्फोट के संबंध में कड़े गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। यह धमाका शुक्रवार दोपहर एक बजे हुआ था। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध शख्स दिखाई दिया है, जो कैफे के अंदर एक बैग रखता दिख रहा है। पुलिस का मानना है कि विस्फोट को अंजाम देने के लिए टाइमर के साथ एक आईईडी डिवाइस का इस्तेमाल किया गया था।
बंगलूरू के रामेश्वरम कैफे धमाका मामले में 10 घायलों का इलाज जारी है। सभी घायल खतरे से बाहर हैं। जानमाल का बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। कर्नाटक पुलिस का बम निरोधक दस्ता और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए भाजपा एनआईए जांच की मांग कर रही है।
कौन हैं रामेश्वरम कैफे के मालिक?
राघवेंद्र राव एक मैकेनिकल इंजीनियर हैं, जिन्हें खाद्य उद्योग में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वह आईडीसी किचन के संस्थापक और प्रमोटर हैं। वह रामेश्वरम कैफे श्रृंखला में संचालन का नेतृत्व करते हैं।
वहीं, दिव्या राघवेंद्र राव चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। उन्होंने आईआईएम अहमदाबाद से वित्त और प्रबंधन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। वह रामेश्वरम कैफे के प्रबंधन और वित्त विभाग की प्रमुख हैं। इतना ही नहीं दिव्या को 12 से अधिक का कार्य अनुभव है। वह आईसीएआई की दक्षिण भारतीय क्षेत्रीय परिषद की बंगलूरू शाखा की प्रबंध समिति की सदस्य भी हैं।
सिद्धारमैया सरकार रामेश्वरम कैफे धमाका मामले को हल्के में ले रही है
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने रामेश्वरम कैफै धमाका मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, एनआईए रामेश्वरम विस्फोट मामले की जांच कर रही है। इस केंद्रीय एजेंसी को भारत में कहीं भी कोई आतंकी वारदात या उससे जुड़े मामले की जांच का अधिकार है। प्रारंभिक जांच के बाद, आतंकी संलिप्तता के संकेत मिले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सिद्धारमैया सरकार ने इस मामले को बहुत हल्के में लिया है। सरकार ने एक अपराधी को शहर से बाहर, राज्य से बाहर और देश से बाहर जाने की मोहलत दे दी। उदार दृष्टिकोण दिखाता है कि सिद्धारमैया सरकार ऐसी गतिविधियों के प्रति सख्ती नहीं दिखा रही है।
#WATCH | Bengaluru: On NIA to take over Rameshwaram blast case, Former Karnataka CM Basavraj Bommai says, "NIA has got the right to book a case anywhere in India if there is a terror link. So after a preliminary investigation, it has been found that there might be a terror… pic.twitter.com/J40ryjDl6d
— ANI (@ANI) March 4, 2024
जांच एजेंसी ने अब तक चार संदिग्धों को लिया हिरासत में
बंगलूरू पुलिस की सिटी क्राइम ब्रांच (सीसीबी) ने यूएपीए के तहत एफआईआर दर्ज करके मामले की शुरुआती जांच की है और अब तक चार लोगों को हिरासत में लिया है। फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। सूत्रों के मुताबिक, कर्नाटक में 2022 से तीन आतंकी घटनाएं हुई हैं जिनमें 10 लड़कों के एक गिरोह की बात सामने आई थी। एनआईए को शक है कि यह गिरोह काफी सुनियोजित तरीके से काम कर रहा है जिसके पदचिह्न साफ नहीं हैं।