फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   bengal suvendu adhikari on parakhram diwas netaji subhas chandra bose birth anniversary

Bengal: 'अगर नेताजी देश के पहले पीएम होते तो...', पराक्रम दिवस पर बोले शुभेंदु अधिकारी

Tue, 23 Jan 2024 01:02 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: श्वेता महतो Updated Tue, 23 Jan 2024 01:02 PM IST
सार

राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर नेताजी की प्रतिमा स्थापित करने के लिए भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। इसके साथ ही उन्होंने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सद्भाव रैली पर भी प्रतिक्रिया दी है। 

विज्ञापन
bengal suvendu adhikari on parakhram diwas netaji subhas chandra bose birth anniversary
शुभेंदु अधिकारी - फोटो : ANI

विस्तार

पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसी दौरान उन्होंने नेताजी को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। भाजपा नेता ने कहा कि अगर नेताजी देश के पहले प्रधानमंत्री होते तो देश का विभाजन कभी नहीं होता। 
विज्ञापन


मंगलवार को नेताजी की जयती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाए जाने पर शुभेंदु अधिकारी ने कहा, 'मुझे ऐसा लगता है कि यदि नेताजी सुभाष चंद्र बोस देश के पहले प्रधानमंत्री होते तो देश का कभी विभाजन नहीं होता। भारत में सभी खुशी से रहते और हमारा देश गरीबी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार मुक्त होता।'
विज्ञापन


कर्तव्य पथ पर नेताजी की प्रतिमा स्थापित करने के लिए पीएम मोदी का किया धन्यवाद
अधिकारी ने राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर नेताजी की प्रतिमा स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, 'आज हम पराक्रम दिवस मनाने के साथ नेताजी को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। कर्तव्य पथ पर नेताजी की प्रतिमा स्थापित करने के लिए हमें पीएम मोदी को धन्यवाद करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के दिन बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सद्भाव रैली पर शुभेंदु अधिकारी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह कोई सांप्रदायिक रैली नहीं था। अधिकारी ने कहा, 'यह कोई अंतरधार्मिक रैली नहीं थी, बल्कि सांप्रदायिक रैली थी। यह दंगा को भड़काने के लिए था। ऐसी भाषा! क्या वह मुख्यमंत्री ही थी? वह जेल जाने के डर से पागल हो गई है।'

प्राण प्रतिष्ठा के दिन हिंदुओं पर हमले का दावा
पश्चिम बंगाल में लोगों को प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम देखने से रोके जाने वाले आरोपों को नकारते हुए अधिकारी ने कहा, 'बंगाल के सभी लोगों ने प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यहां तक की घरों में बैठे लोगों ने भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।' उन्होंने दावा किया किया राम मंदिर के उद्घाटन समारोह के दौरान बंगाल में हिंदूओं पर हमले किए गए। 

भाजपा नेता ने कहा, 'तृणमूल के पाकिस्तान प्रेमी नेताओं ने राम पूजा के दौरान हिंदूओं पर हमले किए। ऐसी 50 से ज्यादा घटनाएं हुई। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को राजनीति में बदलने वालों दावों पर अधिकारी ने कहा, क्या पीएम मोदी 2014 और 2019 में नहीं जीते? तब तो राम मंदिर अस्तित्व में भी नहीं था। वोट के लिए भूखे लोगों को छोड़कर बाकी सभी सोमवार को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान राममय हो गए थे।' 


उन्होंने इसे खुशियों का पल बताते हुए कहा कि आज सभी हिंदू-सनातनी बहुत खुश होंगे। दूसरे धर्मों के लोग भी खुश हैं। बता दें कि सोमवार को पीएम मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम संपन्न हुआ। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed