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WBSSC Scam: बंगाल SSC के पूर्व सलाहकार और पूर्व अध्यक्ष को सीबीआई की हिरासत, बीत दिन किया गया था गिरफ्तार
Thu, 11 Aug 2022 11:22 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 11 Aug 2022 11:22 PM IST
सार
मामले में पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी अपनी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के साथ पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। अर्पिता के फ्लैट से 50 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद हो चुकी है।
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
बंगाल SSC के पूर्व सलाहकार शांति प्रसाद सिन्हा और SSC के पूर्व अध्यक्ष अशोक साहा को 17 अगस्त तक CBI हिरासत में भेजा गया। उन्हें पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में कल CBI ने गिरफ्तार किया था।
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इस मामले में पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी अपनी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के साथ पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। अर्पिता के फ्लैट से 50 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद हो चुकी है। वहीं, बुधवार को पश्चिम बंगाल पुलिस ने कोलकाता में एसएससी घोटाले को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों को हिरासत में लिया गया था।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता और राज्य के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी को कथित घोटाले के सिलसिले में 24 जुलाई को राज्य में उनकी करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी से जुड़े विभिन्न स्थानों पर छापेमारी करने के बाद गिरफ्तार किया था।
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हालांकि, चटर्जी बार-बार आरोपों से इनकार करते रहे हैं और कह रहे हैं कि वह जांच के बाद निर्दोष निकलेंगे। जांच एजेंसी ने पिछले हफ्ते मुखर्जी और उनके सहयोगियों के आवास से करीब 50 करोड़ रुपये नकद और करोड़ों के आभूषण बरामद किए थे।
हालांकि, चौतरफा दबाव के बाद घिरी टीमएसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने 28 जुलाई को चटर्जी को मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया था और उनके खिलाफ आरोप लगाए जाने के बाद उन्हें पार्टी के सभी पदों से भी हटाते हुए निलंबित कर दिया था। पार्थ चटर्जी सीएम ममता के करीबी थे।
उन्होंने राज्य सरकार में वाणिज्य और उद्योग विभागों को संभाला और सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स, और सार्वजनिक उद्यम और औद्योगिक पुनर्निर्माण मंत्री के रूप में भी कार्य किया था। बता दें कि चटर्जी को ईडी ने उनके कोलकाता आवास पर छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया था।