{"_id":"6a0c87de5483f808be07a8b2","slug":"bengal-kmc-issues-notice-to-tmc-leader-abhishek-banerjee-properties-2026-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंगाल में सत्ता बदलते ही एक्शन में निगम: अभिषेक बनर्जी पर शिकंजा कसने की तैयारी, 21 संपत्तियों के खिलाफ नोटिस","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बंगाल में सत्ता बदलते ही एक्शन में निगम: अभिषेक बनर्जी पर शिकंजा कसने की तैयारी, 21 संपत्तियों के खिलाफ नोटिस
Tue, 19 May 2026 09:25 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, कोलकाता।
पीटीआई, कोलकाता।
Published by: राकेश कुमार
Updated Tue, 19 May 2026 09:25 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन होते ही प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह हरकत में आ गई है। टीएमसी के दूसरे सबसे बड़े नेता अभिषेक बनर्जी की संपत्तियों पर केएमसी का यह कानूनी शिकंजा और भाजपा सरकार के आक्रामक तेवर साफ संकेत देते हैं कि राज्य में अब राजनीतिक रसूख के दम पर नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ताजा मामला क्या है? खबर में जानिए...
विज्ञापन
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक सियासी उलटफेर के बाद अब तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) ने टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी से जुड़ी कई संपत्तियों को लेकर नोटिस जारी किया है। निगम ने इन संपत्तियों के स्वीकृत बिल्डिंग प्लान और निर्माण से जुड़े अन्य जरूरी दस्तावेज तलब किए हैं। यह प्रशासनिक कार्रवाई राज्य में तृणमूल कांग्रेस के 2011 से चले आ रहे शासन को उखाड़ फेंकने और भाजपा की नई सरकार के सत्ता में आने के ठीक बाद हुई है।
जांच के दायरे में 21 संपत्तियां
नगर निगम के बेहद उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, यह नोटिस अभिषेक बनर्जी, उनके परिवार के सदस्यों और लीप्स एंड बाउंड्स कंपनी के मालिकाना हक या उनसे जुड़ी करीब 17 से 21 संपत्तियों के संबंध में भेजे गए हैं। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यह जांचना है कि इन स्थानों पर किया गया निर्माण कार्य नगर निगम की ओर से मंजूर किए गए नक्शे के अनुरूप है या नहीं। शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी कानून से ऊपर नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने टीएमसी नेताओं से जुड़ी कथित अवैध संपत्तियों की पहचान कर ली है।
यह भी पढ़ें: बंगाल में बढ़ीं ईंधन की कीमतें: कैब ऑपरेटरों ने की किराया नियमन की मांग, मनमानी पर रोक लगाने की अपील
विज्ञापन
इन प्रमुख इलाकों में भेजे गए नोटिस
निगम सूत्रों के अनुसार, जिन संपत्तियों को जांच के दायरे में लिया गया है, उनमें अभिषेक बनर्जी का 188ए हरीश मुखर्जी रोड स्थित आवास शामिल है। इसके अलावा कालीघाट रोड पर मौजूद एक निकटवर्ती इमारत, प्रेमेंद्र मित्रा सरनी, पंडिताया रोड और उस्ताद आमिर खान सरनी जैसे प्रमुख इलाकों में स्थित परिसरों को भी नोटिस थमाया गया है।
केएमसी एक्ट के तहत कार्रवाई
नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये नोटिस कोलकाता नगर निगम अधिनियम, 1980 की धारा 400(1) के तहत जारी किए गए हैं। यह कानूनी प्रावधान प्राधिकारियों को कथित अनधिकृत निर्माण के संबंध में स्पष्टीकरण मांगने और संपत्ति मालिकों को अपना पक्ष रखने का मौका देने का अधिकार देता है। नोटिस में लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाओं के विस्तार या संशोधन के लिए जरूरी मंजूरियों का ब्यौरा भी मांगा गया है।
विज्ञापन
जांच के दायरे में 21 संपत्तियां
नगर निगम के बेहद उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, यह नोटिस अभिषेक बनर्जी, उनके परिवार के सदस्यों और लीप्स एंड बाउंड्स कंपनी के मालिकाना हक या उनसे जुड़ी करीब 17 से 21 संपत्तियों के संबंध में भेजे गए हैं। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यह जांचना है कि इन स्थानों पर किया गया निर्माण कार्य नगर निगम की ओर से मंजूर किए गए नक्शे के अनुरूप है या नहीं। शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी कानून से ऊपर नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने टीएमसी नेताओं से जुड़ी कथित अवैध संपत्तियों की पहचान कर ली है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: बंगाल में बढ़ीं ईंधन की कीमतें: कैब ऑपरेटरों ने की किराया नियमन की मांग, मनमानी पर रोक लगाने की अपील
विज्ञापन
इन प्रमुख इलाकों में भेजे गए नोटिस
निगम सूत्रों के अनुसार, जिन संपत्तियों को जांच के दायरे में लिया गया है, उनमें अभिषेक बनर्जी का 188ए हरीश मुखर्जी रोड स्थित आवास शामिल है। इसके अलावा कालीघाट रोड पर मौजूद एक निकटवर्ती इमारत, प्रेमेंद्र मित्रा सरनी, पंडिताया रोड और उस्ताद आमिर खान सरनी जैसे प्रमुख इलाकों में स्थित परिसरों को भी नोटिस थमाया गया है।
केएमसी एक्ट के तहत कार्रवाई
नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये नोटिस कोलकाता नगर निगम अधिनियम, 1980 की धारा 400(1) के तहत जारी किए गए हैं। यह कानूनी प्रावधान प्राधिकारियों को कथित अनधिकृत निर्माण के संबंध में स्पष्टीकरण मांगने और संपत्ति मालिकों को अपना पक्ष रखने का मौका देने का अधिकार देता है। नोटिस में लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाओं के विस्तार या संशोधन के लिए जरूरी मंजूरियों का ब्यौरा भी मांगा गया है।