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Bengal: पंचायत चुनाव हिंसा में घायल टीएमसी कार्यकर्ता की मौत, आईएसएफ पर लगाया आरोप, मृतकों की संख्या 39 हुई
Sat, 15 Jul 2023 02:43 PM IST
देव कश्यप
पीटीआई, कोलकाता।
पीटीआई, कोलकाता।
Published by: देव कश्यप
Updated Sat, 15 Jul 2023 02:43 PM IST
सार
सात जुलाई की रात को पंचायत चुनाव शुरू होने से कुछ घंटे पहले जब शेख मोस्लेम (Seikh Moslem) एक जंगली इलाके से गुजर रहे थे, तभी भांगर में रॉड से किए गए हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अधिकारी ने बताया कि शनिवार को उन्होंने कोलकाता के एक निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया।
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पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : PTI
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विस्तार
पश्चिम बंगाल में आठ जुलाई को हुए पंचायत चुनाव से ठीक पहले राज्य के दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर में एक राजनीतिक झड़प में घायल हुए 61 वर्षीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ता की शनिवार को मौत हो गई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। टीएमसी ने हत्या के लिए इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) पर आरोप लगाया, लेकिन विपक्षी दल ने आरोप को खारिज कर दिया।
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सात जुलाई की रात को पंचायत चुनाव शुरू होने से कुछ घंटे पहले जब शेख मोस्लेम (Seikh Moslem) एक जंगली इलाके से गुजर रहे थे, तभी भांगर में रॉड से किए गए हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अधिकारी ने बताया कि शनिवार को उन्होंने कोलकाता के एक निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया।
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कैनिंग पुरबा के टीएमसी विधायक सौकत मोल्ला ने आरोप लगाया कि आईएसएफ कार्यकर्ताओं द्वारा मोस्लेम पर बिना किसी उकसावे के हमला किया गया। उन्होंने कहा कि आईएसएफ ने क्षेत्र में आतंक का राज फैलाया है। सौकत मोल्ला को भांगर में पार्टी गतिविधि की देखरेख का काम सौंपा गया है। भांगर आईएसएफ का मजबूत गढ़ वाला क्षेत्र है और पार्टी का एकमात्र विधायक भी उसी निर्वाचन क्षेत्र से है।
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आईएसएफ विधायक नवसाद सिद्दीकी (Nawsad Siddique) ने किसी भी हिंसा में अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की संलिप्तता से इनकार किया और मांग की कि ऐसी मौतों के पीछे की सच्चाई को उजागर करने के लिए उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। सिद्दीकी ने दावा किया कि वे टीएमसी के गुंडे थे जिन्होंने हाल के दिनों में कई आईएसएफ कार्यकर्ताओं पर हमला किया और उनकी हत्या कर दी।
पंचायत चुनाव हिंसा में अबतक 39 लोगों की मौत: पुलिस
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मोस्लेम की मौत के साथ आठ जून को चुनाव की तारीख की घोषणा के बाद से पंचायत चुनाव से संबंधित हिंसा में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 39 हो गई है। जान गंवाने वालों में अधिकतर लोग टीएमसी से जुड़े थे।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राजनीतिक हिंसा की इस संस्कृति को रोकने में विफल रही हैं, जिसके कारण इतने सारे लोगों की जान चली गई। उन्होंने कहा कि हर मौत दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है। ऐसा नहीं होना चाहिए था... पंचायत चुनाव केवल पश्चिम बंगाल में ही गोलियों और बमों का, हिंसा का, जानमाल की हानि का पर्याय क्यों बन गया है?
एक व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या
इस बीच शुक्रवार रात दक्षिण 24 परगना जिले के कैनिंग में एक व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। टीएमसी ने दावा किया कि वह पार्टी का समर्थक था और आईएसएफ पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया। हालांकि, पुलिस सूत्र इस बात की पुष्टि नहीं कर सके कि यह एक राजनीतिक हत्या थी या नहीं।