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नीट पेपर लीक: बंगाल सरकार का एलान, प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर नहीं होगी सख्त कार्रवाई, इन्हें राहत नहीं

Tue, 28 Jul 2026 10:45 PM IST
राहुल कुमार पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता Published by: राहुल कुमार Updated Tue, 28 Jul 2026 10:45 PM IST
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Bengal govt not to take coercive action against students protesting NEET paper leak
सीएम शुभेंदु। - फोटो : एएनआई/अमर उजाला
पश्चिम बंगाल सरकार ने मंगलवार को घोषणा की कि नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया कि यह राहत आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों पर लागू नहीं होगी।
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गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मामले के सभी पहलुओं की समीक्षा और 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। शुक्रवार को वामपंथी छात्र संगठनों ने कोलकाता में नीट पेपर लीक के विरोध में रैली निकाली थी। सियालदह स्टेशन से एस्प्लेनेड तक निकाले गए मार्च के दौरान कुछ लोगों ने पत्रकारों पर हमला कर दिया था, जिसमें कई पत्रकार घायल हुए थे।
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सरकार ने अपने बयान में क्या कहा
सरकार के बयान के अनुसार, 26 जुलाई शाम छह बजे तक नीट-यूजी में कथित अनियमितताओं के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में पुलिस की शिकायत पर एक मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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गिरफ्तार लोगों पर हाल ही में लागू किए गए सख्त गुंडा कानून की धाराएं लगाई गई थीं। हालांकि, अदालत ने पहले उन्हें दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के बाद मंगलवार को जमानत दे दी। बयान में कहा गया, "सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद सरकार ने फैसला किया है कि नीट (यूजी) परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी।"

इन लोगों पर होगा एक्शन
हालांकि, सरकार ने यह भी कहा, "यह राहत उन लोगों पर लागू नहीं होगी जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है, जैसा कि माननीय न्यायालय के आदेश में कहा गया है।" राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए यह फैसला लिया है, ताकि वास्तविक छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न हो।


अधिकारी ने कहा, "सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों को परेशान न किया जाए। वहीं, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप यह राहत नहीं मिलेगी।" उन्होंने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ अदालत के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई करने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं।


 
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