फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Bengal CM Mamata hits out at EC for 'not publishing' 1st supplementary list of SIR

Bengal: सीएम ममता बनर्जी ने फिर साधा चुनाव आयोग पर निशाना, SIR की पहली पूरक सूची प्रकाशित करने की दी चुनौती

Fri, 27 Mar 2026 08:36 PM IST
Nirmal Kant न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: Nirmal Kant Updated Fri, 27 Mar 2026 08:36 PM IST
विज्ञापन
Bengal CM Mamata hits out at EC for 'not publishing' 1st supplementary list of SIR
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी - फोटो : एएनआई (फाइल)
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को एक बार फिर चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा। राज्य में एसआईआर अभ्यास के तहत मतदाताओं की दूसरी पूरक सूची जारी होने के दिन मुख्यमंत्री मतदाताओं की पहली पूरक सूची सार्वजनिक न करने का आरोप लगाया। 
विज्ञापन

 
मुख्यमंत्री ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया।उन्होंने कहा, लोग जल्द ही इस तरह के मनमाने फैसलों पर जवाब मांगेंगे। कोलकाता हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, भगवान की चक्की धीमी चलती है। लेकिन चलती पक्की है। मैं यह बात राम नवमी के दिन कह रही हूं। लोग इसका जवाब देंगे। 
विज्ञापन


विचाराधीन नामों की पहली पूरक सूची 23 मार्च को ऑनलाइन जारी की गई थी। लेकिन इसमें हटाए और जोड़े गए नामों की संख्या आधिकारिक तौर पर नहीं बताई गई। हालांकि, चुनाव आयोग के सूत्रों ने दावा किया कि अब तक जांच की गई 32 मतदाताओं में से करीब 40 फीसदी को सूची से हटा दिया गया है। यानी करीब 13 लाख अतिरिक्त नाम हटाए गए हैं, जिससे कुल हटाए गए मतदाताओं की संख्या करीब 76 लाख हो गई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्य में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 7.6 करोड़ से अधिक मतदाताओं के साथ हुआ था, जिनमें से अब तक करीब 10 फीसदी नाम हटाए जा चुके हैं और वर्तमान संख्या लगभग 6.8 करोड़ रह गई है। 

ये भी पढ़ें: अमेरिकी-यूक्रेनी नागरिकों पर कसा शिकंजा: अब NIA हेडक्वार्टर में होगी सुनवाई, पटियाला हाउस कोर्ट ने दी इजाजत


बनर्जी ने कहा, अब जो हो रहा है, वो सुपर हिटलर के कारनामों को भी पीछे छोड़ देगा। यह पूरी कवायद (एसआईआर अभ्यास) भाजपा की गायब करने वाली मशीन बन गई है। ये लोग लोकतंत्र और जनता के अधिकारों को नष्ट कर रहे हैं। मुझे इनसे नफरत है और शर्म आती है। इन्होंने एक सदस्य को (सूची में) रखा है और उसी परिवार के  बाकी चार सदस्यों को हटा दिया है। इन्होंने एक खास समुदाय से जुड़े लाखों नाम हटा दिए हैं। क्या भाजपा खुद को इस देश का जमींदार समझती है?

पूरक सूचियों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग की पहली पूरक सूची को पूरी तरह प्रकाशित करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, हमें अभी तक पहली पूरक सूची नहीं मिली है। यह अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है। लोकतंत्र की इससे बड़ी हत्या और कोई नहीं हो सकती। मतदाता सूची कब प्रकाशित होनी थी? सुप्रीम कोर्ट ने फैसला कब सुनाया? पिछली सूची 28 को प्रकाशित हुई थी। मैंने सुना है कि उन्होंने उस सूची से करीब 50 फीसदी मतदाताओं के नाम हटा दिए हैं। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed