{"_id":"6731ae22f9898366a30a2acb","slug":"bengal-bypolls-news-updates-tmc-claims-ec-gave-appointment-to-hear-grievances-just-before-campaign-ends-2024-11-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bengal Bypolls: 'चुनाव आयोग ने प्रचार खत्म होने से ठीक पहले शिकायतों को सुनने के लिए दिया था समय', TCM का दावा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Bengal Bypolls: 'चुनाव आयोग ने प्रचार खत्म होने से ठीक पहले शिकायतों को सुनने के लिए दिया था समय', TCM का दावा
Mon, 11 Nov 2024 12:41 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Mon, 11 Nov 2024 12:41 PM IST
सार
तृणमूल कांग्रेस के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में चुनाव आयोग को शिकायत पत्र सौंपा था। इनमें राज्य के छह विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव में निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की गई थी।
विज्ञापन
चुनाव आयोग
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पश्चिम बंगाल में उपचुनाव को लेकर लगातार सियासी गलियारों में हलचल है। इस बीच, तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया चुनाव आयोग ने प्रचार अभियान समाप्त होने से 90 मिनट पहले सोमवार दोपहर शिकायतों को सुनने के लिए समय दिया था। बता दें, राज्य की छह विधानसभा सीटों पर 13 नवंबर को उपचुनाव होना हैं।
विज्ञापन
क्या है मामला?
दरअसल, तृणमूल कांग्रेस के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में नई दिल्ली स्थित चुनाव आयोग कार्यालय में शिकायत पत्र सौंपा था। इनमें राज्य के छह विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव में निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की गई थी। शिकायत पत्र में तृणमूल की ओर से यह भी कहा गया कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ सुकांत मजूमदार का विवादित बयान और राज्य में केंद्रीय बलों की तैनाती चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। उनका आरोप था कि राज्य में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए केंद्रीय बल का इस्तेमाल हो रहा है।
विज्ञापन
तृणमूल सांसदों के प्रतिनिधिमंडल में सुदीप बंदोपाध्याय, डेरेक ओ ब्रायन, कीर्ति आजाद, सुष्मिता देव और साकेत गोखले शामिल रहे। तृणमूल प्रतिनिधिमंडल ने आयोग को दो शिकायत पत्र सौंपे थे, जिनमें राज्य के छह विधानसभा क्षेत्रों में 13 नवंबर को निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की गई थी।
विज्ञापन
अब फिर लिखा पत्र, जताई निराशा
तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार को चुनाव आयोग को लिखे पत्र में कहा कि वह निराश हैं कि उन्हें चुनाव प्रचार खत्म होने से महज 90 मिनट पहले सोमवार दोपहर साढ़े तीन बजे मिलने का समय दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि ये देरी भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए है। इससे चुनाव की निष्पक्षता से समझौता होता है और लोकतांत्रिक संस्थानों की निष्पक्षता में जनता का विश्वास खत्म होता है।
चिंताओं को उठाने का उद्देश्य ही समाप्त हो जाता: टीएमसी
टीएमसी ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में कहा, 'इससे इन चिंताओं को उठाने का उद्देश्य ही समाप्त हो जाता है, क्योंकि इस महत्वपूर्ण समय में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा सकती। हम चुनावी अखंडता के उल्लंघन के संबंध में नौ नवंबर 2024 को हमारे द्वारा दी गई दो गंभीर शिकायतों के संबंध में भारत के चुनाव आयोग द्वारा किए गए निपटान पर अपनी गहरी निराशा और चिंता व्यक्त करते हैं।'
तृणमूल कांग्रेस ने राज्य में सीएपीएफ कर्मियों की अवैध गतिविधियों का आरोप लगाया। पार्टी ने आरोप लगाया, 'हमने खबर दी कि सीएपीएफ कर्मी राज्य पुलिस की अनिवार्य मौजूदगी के बिना काम कर रहे हैं और मतदाताओं को डराने-धमकाने और उन्हें भाजपा के पक्ष में प्रभावित करने के लिए कथित तौर पर निजी आवासों में घुस रहे हैं।'
मजूमदार की टिप्पणियों की भी आलोचना की
तृणमूल कांग्रेस ने तालडांगरा में एक चुनावी रैली के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार द्वारा की गई टिप्पणियों की भी आलोचना की और उन पर राज्य पुलिस के खिलाफ अपमानजनक बयान देने और भारत के राज्य प्रतीक का अपमान करने का आरोप लगाया। साथ ही सुझाव दिया गया कि इसे जूते जैसे प्रतीकों से बदल दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, 'चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता को सीधे तौर पर कमजोर करने वाले इन मुद्दों में तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है। स्थिति की गंभीरता के बावजूद, आयोग तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने या भाजपा और उसके नेताओं तथा सीएपीएफ को ऐसे गैरकानूनी और अपमानजनक आचरण से दूर रहने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी करने में विफल रहा है।'