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बंगाल चुनाव: हिंसा की घटनाओं को देखते हुए केंद्रीय बलों की 71 अतिरिक्त कंपनियां तैनात
Mon, 12 Apr 2021 05:01 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Mon, 12 Apr 2021 05:01 AM IST
सार
- पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक ने शनिवार को इस संबंध में गृह मंत्रालय को लिखा था पत्र
- राज्य में शांतिपूर्ण चुनाव के लिए पहले ही सीएपीएफ की 1,000 कंपनियों को तैनात किया गया है
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CISF
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हिंसा की हालिया घटनाओं को देखते हुए केंद्रीय बलों की 71 अतिरिक्त कंपनियां तैनात कर दी गई हैं। भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के अनुरोध पर यह कदम उठाया गया है। गृह मंत्रालय ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती की गई है।
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राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक ने भी लिखा था पत्र
इससे पहले पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक ने शनिवार को इस संबंध में गृह मंत्रालय को पत्र लिखा था। सीएपीएफ की 71 अतिरिक्त कंपनियों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 12, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 33, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 13, केंद्रीय औद्यौगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) एवं सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 9 कंपनियों सहित और चार अन्य कंपनियां शामिल हैं। राज्य में शांतिपूर्ण चुनाव के लिए पहले ही सीएपीएफ की 1,000 कंपनियों को तैनात किया गया है।
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लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं : राज्यपाल
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने रविवार को कहा कि लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है। इसलिए राज्य के लोगों को एकजुट होकर चुनाव में हो रही हिंसा की घटनाओं की निंदा करनी चाहिए।
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उन्होंने ट्वीट कर कहा कि कूच बिहार में हिंसा से बेहद दुख और पीड़ा हुई, जिसमें चार लोगों की जान चली गई। प्रशासन के लोगों को राज्य व्यवस्था दिखाते हुए संवैधानिक संस्थानों और सार्वजनिक कार्यों में लगे सीएपीएफ का सम्मान करना चाहिए। दरअसल, उत्तर बंगाल में चौथे चरण के मतदान के दौरान सीतलकुची एवं कूच बिहार में खूनी हिंसा के बाद केंद्रीय बलों पर गोलीबारी में चार लोगों की मौत हो गई थी।