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9 बजे 9 मिनट, दीये जलाने से देश को मिली कोरोना से लड़ने की ताकत

Sun, 05 Apr 2020 08:05 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनवर अंसारी Updated Sun, 05 Apr 2020 08:05 PM IST
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Benefit Of Burning Lamps In Times Of Global Crisis Like Coronavirus and lockdown in india
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देशभर में रविवार को दीये जलाए गए। कुछ पल के लिए तो देश कोरोना के खौफ और गम को भूल गया और माहौल दीवाली जैसा हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह वीडियो संदेश के जरिए लोगों से अपील की थी कि वह रविवार रात नौ बजे नौ मिनट के लिए दीया जलाएं। पीएम मोदी ने यह अपील कोरोना वायरस महामारी को हराने के लिए देश के सामूहिक संकल्प का प्रदर्शन करने के लिए की। 

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प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से आह्वान किया था कि वह रविवार के दिन यानी पांच अप्रैल को अपने घरों की बत्तियों को बुझा दें और मोमबत्ती, दीये या मोबाइल फोन की लाइट या टॉर्च को जला कर सामूहिक संकल्प का प्रदर्शन करें। 
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दीया जलाने को लेकर लोगों में मन हैं कई सवाल
पीएम मोदी के इस संदेश के बाद से ही लोगों के मन में यह सवाल उठने शुरू हो गए कि क्या केवल दीया जलाने से ही कोरोना वायरस से लड़ा जा सकेगा। क्या इस वायरस को केवल रोशनी के माध्यम से ही रोका जा सकता है। ऐसे न जाने कितने सवाल लोगों के मन में उठ रहे हैं। लेकिन जब आप पीएम मोदी के कुछ दिनों के संबोधनों को सुनेंगे तो आपको इसका जवाब मिल जाएगा। आइए आपको यह समझाने का कोशिश करते हैं। 

'जनता कर्फ्यू' का आदेश दें लोगों से थाली बजाने की अपील की
दरअसल, इन सब की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 19 मार्च को राष्ट्र के संबोधन में ही हो गई थी। जब उन्होंने 22 मार्च को देशवासियों से 'जनता कर्फ्यू' की अपील की। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि 22 मार्च को लोगों को सुबह सात बजे से लेकर रात नौ बजे तक घरों से बाहर नहीं निकलना है। 

साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वह कोरोना वायरस से लड़ने में जी-जान से जुटे डॉक्टर, नर्स, सफाईकर्मी, मेडिकल स्टॉफ, पुलिस वालों आदि उन सभी लोगों के लिए पांच बजकर पांच मिनट पर घर की बालकनी से थाली, बर्तन जो भी मिल उसे बजाकर उनके प्रति सम्मान प्रकट करें। 

संयम जांचने के लिए एक दिन का जनता कर्फ्यू लगाया गया
एक दिन के लिए घोषित किए गए जनता कर्फ्यू से लोगों के संयम का पता चला। साथ ही थाली-बर्तन बजाने से दुनिया को ये भी संदेश गया कि हम भारतीय लोग अपने देश को लेकर कितने समर्पित हैं। जनता कर्फ्यू से पीएम मोदी को इस बात की परख मिली कि नागरिक जरूरत के समय अपनी इच्छा से घरों में कैद होने के लिए सक्षम हैं। जनता कर्फ्यू को सफल बना हमने दुनिया के उन तमाम देशों के आगे एक उदाहरण पेश किया कि हम घरों में डर कर नहीं बल्कि स्वेच्छा से रह सकते हैं। 

लॉकडाउन का किया एलान
जनता कर्फ्यू की अपील के बाद प्रधानमंत्री ने एक बार फिर 24 मार्च को देश को संबोधित किया। इस पार अपने संबोधन में उन्होंने 21 दिनों के संपूर्ण लॉकडाउन एलान किया। पीएम की तरफ यह फैसला तब लिया गया जब उन्होंने जनता कर्फ्यू के जरिए लोगों के संयम को परख लिया। 

पीएम मोदी को यह एहसास था कि सभी भारतीय नागरिक अपनी इच्छा से देश की भलाई के लिए घरों में रह सकते हैं। इस कारण उन्होंने लॉकडाउन जैसे कठोर निर्णय को लिया। लॉकडाउन को लेकर लोगों के बीच यह बात चल रही थी कि इतने दिनों तक उनका घर कैसे चलेगा, लेकिन समय बीतने के साथ देश के लोगों ने इस समस्या को सुलझा लिया। 

लोगों में पैदा होने लगी नकारात्मकता
लॉकडाउन में रहने के चलते लोगों के बीच नकारात्मक विचार पैदा होने लगे। लोगों के बीच यह बातें होने लगी कि इस फैसले से देश की अर्थव्यवस्था लड़खड़ा जाएगा। लोगों के बीच इस बात की चर्चा थी कि यह लॉकडाउन के कब तक चलेगा। लोगों के बीच डर और भय का माहौल था। देश में एक दम से नकारात्मकता की भावना उमड़ने लगी। 


देश से दीया जलाने की अपील की
इसके बाद एक बार फिर नरेंद्र मोदी शुक्रवार को वीडियो संदेश के जरिए देश से मुखातिब हुए। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस को रोकने के लिए पांच अप्रैल को रात नौ बजे नौ मिनट तक अपने घरों की बत्ती बुझा कर मोमबत्ती या दीया जलाएं। प्रधानमंत्री की यह अपील लोगों के बीच नकारात्मकता को दूर करने के लिए भी थी। दरअसल, पीएम मोदी की यह अपील इसलिए भी खास है क्योंकि पौराणिक कथाओं के अनुसार, नकारात्मकता को दूर करने के लिए रोशनी का सहारा लिया जाता था। 

रोशनी का प्रयोग कर नकारात्मकता दूर करना चाहते हैं पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दीया जलवा कर लोगों के बीच फैली नकारात्मकता को दूर करवाना चाहते हैं। वे रोशनी के जरिए देश में फैली नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करना चाहते हैं। साथ ही वह लोगों से रोशनी कर खुद के अंदर के आत्मविश्वास को बढ़ाना चाहते हैं। 

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