विश्वविद्यालयों में प्लास्टिक पर बैन, इन पर लगाया गया है प्रतिबंध
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भारतीय विश्वविद्यालयों के परिसर अब प्लास्टिक मुक्त दिखाई देंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे अपने कैंपस में प्लास्टिक के कप, लंच पैकेट, स्ट्रॉ, बोतल और थैलियों आदि पर प्रतिबंध लगाएं।
ये निर्देश केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की तरफ से जारी की गई एक एडवाइजरी के बाद दिए गए हैं, जिसमें मंत्रालय ने बताया है कि देश इस साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के वैश्विक स्तर पर आयोजित समारोह का मेजबान है, जो संयुक्त राष्ट्र की तरफ से पर्यावरण पर सबसे बड़ा समारोह होता है। इस साल समारोह की थीम ‘बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन’ यानी ‘प्लास्टिक प्रदूषण को हराओ’ रखी गई है।
यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों से ये भी आग्रह किया है कि वे प्लास्टिक पर नियंत्रण पर जन जागरूकता जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित करें और स्वच्छ भारत मिशन के तहत अपने नगर निगम क्षेत्र में सफाई अभियान भी चलाएं।
स्कूलों को भी मिला है आदेश
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने स्कूलों को भी 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस को ध्यान में रखकर अपने परिसर में प्लास्टिक का उपयोग बंद कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही 19 टीमों के गठन का भी आदेश दिया है, जो पूरे देश में 24 समुद्री तटों या इतने ही प्रदूषित नदी-झील के किनारों की सफाई की जिम्मेदारी संभाले।
इन पर लगाया है प्रतिबंध
टेक-अवे कॉफी कप, प्लास्टिक पैकिंग वाला लंच, प्लास्टिक थैले, उपयोग कर फेंकने वाले खाने के डिब्बे व कंटेनर, प्लास्टिक स्ट्रॉ, एक बार ही उपयोग होने वाली प्लास्टिक की पानी की बोतलें और दोबारा भरे जाने योग्य प्लास्टिक की बोतलें आदि।