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सचेत रहें...दिमाग पर कोरोना से स्वाद और सुनने की क्षमता होती है कम
Tue, 02 Jun 2020 10:24 PM IST
मुकेश कुमार झा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Tue, 02 Jun 2020 10:24 PM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : PTI
खाने का स्वाद न आना और सुनने की क्षमता खत्म होना कोरोना का प्रमुख लक्षण है। वैज्ञानिकों ने अभी एक खोज निकाला है कि आखिर ऐसा क्यों होता है। इटली के मिलान स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ मिलान के इंस्टिट्यूटों क्लीनिकों ह्यूमैनिटास (आईआरसीसीएस) के वैज्ञानिकों का कहना है कि वायरस दिमाग की उस संरचना को बदल देता है। इससे स्वाद और सुनने की क्षमता प्रभावित होती है।
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समय पर ध्यान ना दें तो हालात होंगे गंभीर
इटली के वैज्ञानिकों का कहना है कि 25 वर्षीय महिला रेडियोग्राफर कोरोना के इलाज में जुटी थीं। 1 दिन में उन्हें सूखी खांसी हुई और अगले दिन ठीक हो गई। बुखार भी नहीं था और वह पूरी तरह स्वस्थ थी। फिर भी वह खाने का स्वाद नहीं ले पाती थी और सुनने की क्षमता भी प्रभावित हो गई नाक और सीने की जांच हुई तो कोरोना वायरस की पुष्टि हुई। इसके बाद डॉक्टरों ने महिला स्वास्थ्यकर्मी के मस्तिष्क की एमआरआई जांच की। डॉक्टर को मस्तिष्क के दो हिस्सों राइट गायरस रेक्टस और ओलफैक्ट्री बलब्स में बदलाव दिखा। ओलफैक्ट्री बलब्स जानकारी नाक से लेने के बाद दूसरे हिस्सों और गायरस रेक्टस को पहुंचाता है। डॉक्टरों ने देखा कि मस्तिष्क के यह दोनों हिस्से प्रभावित थे और उनकी संरचना पहले के अनुसार बदल गई थी। इस कारण स्वाद लेने और सूंघने की क्षमता खराब होती है इस आधार पर वैज्ञानिकों का कहना है कि मस्तिष्क में वायरस की मौजूदगी के कारण यह होता है समय रहते ध्यान ना दिया जाए तो स्थिति और विकट और गंभीर हो सकती है।
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28 दिन के बाद दोबारा सामान्य होने लगा मस्तिष्क
डॉक्टरों ने 28 दिन के बाद दोबारा एम आर आई जांच कराई तो देखा कि मस्तिष्क फिर से सामान्य स्थिति में आ रहा था। हां ओल्फेक्ट्री बल्ब में थोड़ा सूजन थी लेकिन महिला स्वास्थ्य कर्मी आराम से खाने का स्वाद ले रही थी। और सुनने की क्षमता भी वापस आ गई थी। हालांकि डॉक्टरों ने कोरोना वायरस संक्रमित दो मरीजों जिन्हें ऐसे ही लक्षण थे उनकी भी एम आर आई जांच कराई तो उनके मस्तिष्क में इस तरह का कोई बदलाव नहीं दिखा था।
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संक्रमण के कारण भी ऐसा होता है
इटली के वैज्ञानिकों का दावा है कि पहली बार कोरोना संक्रमित मरीज के मस्तिष्क में इस तरह के बदलाव देखने को मिले हैं। पहले के भी कई अध्ययनों में यह कहा जा चुका है कि संक्रमण के कारण 65 फ़ीसदी लोगों के स्वाद लेने और सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।