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Warship Taragiri: भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल हुआ स्टील्थ युद्धपोत तारागिरी, जानें क्या हैं इसकी खासियतें

Sun, 11 Sep 2022 09:21 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Sun, 11 Sep 2022 09:21 PM IST
सार

प्रोजेक्ट 17ए का पहला जहाज नीलगिरी 28 सितंबर, 2019 को लॉन्च हुआ था। वह 2024 के शुरुआती छह महीनों में समुद्री परीक्षणों के लिए अपेक्षित है। वहीं परियोजना के तहत दूसरे जहाज उदयगिरी को इसी साल 17 मई को लॉन्च किया गया था। इसके 2024 के मध्य में समुद्री परीक्षण शुरू होने की उम्मीद है।
 

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Battleship Taragiri: Taragiri Warship inducted into Indian Navy Fleet
तारागिरी। - फोटो : ANI

विस्तार

दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय सेना को और मजबूत करने को लेकर काम लगातार जारी है। आधुनिक हथियारों, मिसाइल, हेलीकॉप्टर से लेकर बड़े युद्धपोतों को सेना में शामिल किया जा रहा है। वहीं, दुश्मनों को करारा जवाब देने के लिए रविवार को भारतीय नौसेना के बेडे़ में एक और जंगी जहाज शामिल हो गया। भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट 17ए के तीसरे स्टील्थ युद्धपोत तारागिरी को मुंबई में लॉन्च किया गया। लॉन्चिंग इवेंट मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में हुआ। 

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मझगांव डॉक शिप बिल्डर्स (एमडीएल) ने बताया कि 3,510 टन वजन वाले युद्धपोत का मूल्य लगभग 25,700 करोड़ रुपये है। इस जहाज को एकीकृत निर्माण पद्धति के द्वारा बनाया गया है। यानी जहाज के हिस्सों का निर्माण अलग-अलग जगहों पर हुआ है और फिर इसे एक जगह लाकर जोड़ दिया गया। पोत का नाम पश्चिम नौसेना कमान के एफओसी-इन-सी के वाइस एडमिरल अजेंद्र बहादुर सिंह की पत्नी चारु सिंह ने रखा। 10 सितंबर, 2020 से निर्माण किए जा रहे तारागिरी युद्धपोत की डिलीवरी अगस्त 2025 तक होने की उम्मीद है। 
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 यह जहाज P17 फ्रिगेट्स (शिवालिक क्लास) का उन्नत संस्करण हैं, और यह बेहतर स्टील्थ फीचर्स, अत्याधुनिक हथियार और सेंसर और प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट सिस्टम से लैस है। तारागिरी पूर्ववर्ती तारागिरी, लिएंडर क्लास एएसडब्ल्यू फ्रिगेट का पुनर्निर्माण है। पूर्ववर्ती तारागिरी जहाजों ने 16 मई 1980 से 27 जून, 2013 तक तीन दशकों के दौरान राष्ट्र के प्रति अपनी शानदार सेवा में कई चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन देखे हैं। 
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प्रोजेक्ट 17ए का पहला जहाज नीलगिरी 28 सितंबर, 2019 को लॉन्च हुआ था। वह 2024 के शुरुआती छह महीनों में समुद्री परीक्षणों के लिए अपेक्षित है। वहीं परियोजना के तहत दूसरे जहाज उदयगिरी को इसी साल 17 मई को लॉन्च किया गया था। इसके 2024 के मध्य में समुद्री परीक्षण शुरू होने की उम्मीद है।


युद्धपोत 'तारागिरी' 3510 टन वजनी है। तारागिरी को भारतीय नौसेना के इन-हाउस ब्यूरो ऑफ नेवल डिजाइन की ओर से डिजाइन किया गया है। 149 मीटर लंबा और 17.8 मीटर चौड़ा ये जहाज दो गैस टर्बाइन और दो मुख्य डीजल इंजनों के संयोजन से संचालित होगा। इसकी गति 28 समुद्री मील (लगभग 52 किमी प्रति घंटे) से अधिक होगी। आईएनएस तारागिरी का डिस्प्लेसमेंट 6670 टन है। यह मैक्सिमम 59 किमी प्रतिघंटा की गति से समंदर की लहरों को चीरते हुए दौड़ सकता है। इस स्वदेशी युद्धपोत पर 35 अधिकारियों के साथ 150 लोग तैनात किए जा सकते हैं।

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