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असम: पुलिस से मारपीट मामले में जिग्नेश मेवाणी को मिली जमानत, 30 अप्रैल को आ सकते हैं जेल से बाहर

Fri, 29 Apr 2022 08:42 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Fri, 29 Apr 2022 08:42 PM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक आपत्तिजनक ट्वीट के मामले में असम से गिरफ्तार हुए गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी को असम की कोकराझार कोर्ट ने सोमवार को जमानत दे दी थी, लेकिन बाद में उन्हें पुलिस पर हमला करने के आरोप में फिर गिरफ्तार कर लिया गया था। 

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Barpeta district local court Assam grants bail to Jignesh Mevani in case of alleged assault on a policewoman to be released by 30th April news in hindi
जिग्नेश मेवाणी

विस्तार

गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी को पुलिस अधिकारियों पर हमला करने के मामले में असम के बारपेटा जिले की एक स्थानीय अदालत ने जमानत दे दी है। उन्हें पहले कोर्ट ने इस मामले में पांच दिन की हिरासत पर भेजा था। कोर्ट ने जमानत देने के साथ ही ‘झूठी प्राथमिकी दर्ज करने के लिए राज्य पुलिस की खिंचाई की।
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अदालत ने कहा कि दो अन्य पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में महिला पुलिस अधिकारी का शील भंग करने की मंशा का आरोप आरोपी के खिलाफ नहीं लगाया जा सकता, जब वह उनकी हिरासत में था और जिसे किसी और ने नहीं देखा। न्यायाधीश ने कहा कि उच्च न्यायालय असम पुलिस को ‘‘मौजूदा मामले की तरह झूठी प्राथमिकी दर्ज करने और आरोपियों को गोली मारने और मारने या घायल करने वाले पुलिस कर्मियों को रोकने के लिए खुद में सुधार करने का निर्देश देने पर विचार कर सकता है, जो राज्य में एक नियमित घटना बन गई है।’’
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आदेश में कहा गया है कि उच्च न्यायालय कानून और व्यवस्था की ड्यूटी में लगे प्रत्येक पुलिस कर्मी को ‘‘बॉडी कैमरा पहनने, किसी आरोपी को गिरफ्तार करते समय या किसी आरोपी को सामान या अन्य कारणों से किसी स्थान पर ले जाने के दौरान वाहनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, सभी पुलिस थानों के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश देने पर भी विचार कर सकता है।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘अन्यथा हमारा राज्य एक पुलिस राज्य बन जाएगा जिसे समाज बर्दाश्त नहीं कर सकता।’’
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इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक आपत्तिजनक ट्वीट के मामले में असम से गिरफ्तार हुए गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी को असम की कोकराझार कोर्ट ने सोमवार को जमानत दे दी थी। हालांकि, असम पुलिस ने जमानत मिलने के बाद अधिकारियों पर हमला करने के आरोप में फिर से गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने बताया कि कांग्रेस समर्थित विधायक मेवानी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। 


मेवाणी वड़गाम से कांग्रेस विधायक हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में दावा किया था, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो कि गोडसे को गॉड मानते हैं, उन्हें गुजरात में सांप्रदायिक संघर्ष के खिलाफ शांति व सौहार्द की अपील करना चाहिए।' उक्त ट्वीट को लेकर मेवाणी के खिलाफ भादंवि की धारा 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र), धारा 153 (A) (दो समुदायों के खिलाफ शत्रुता बढ़ाना), 295(A) और 504 (शांति भंग करने के इरादे से भड़काने वाली बातें कहना) तथा आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
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