फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   banni hindu revival rss efforts gujarat tradition culture temples education community support

RSS: पूजा की जगह पढ़ते थे नमाज, शादी के बदले निकाह, संघ के प्रयास से हिंदू वाढा समुदाय की बदली तस्वीर

Sat, 22 Mar 2025 07:07 AM IST
निर्मल कांत अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 22 Mar 2025 07:07 AM IST
सार

RSS: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने वार्षिक प्रतिवेदन में बताया कि आरएसएस के प्रयास से गुजरात के बन्नी इलाके में वाढा हिंदू समुदाय ने फिर से अपनी परंपराएं अपनाईं। मंदिर निर्माण, शिक्षा और सामूहिक विवाह के आयोजन से जीवन स्तर सुधारने की पहल हुई।

विज्ञापन
banni hindu revival rss efforts gujarat tradition culture temples education community support
वाढा हिंदू समुदाय ने फिर अपनाईं अपनी परंपराएं - फोटो : अमर उजाला / एजेंसी

विस्तार

पश्चिमी कच्छ के पाकिस्तान सीमावर्ती क्षेत्र के मुस्लिम बहुल बन्नी इलाके से जुड़े वाढा हिंदू समुदाय दशकों से अपने धर्म से जुड़ी परंपरा, पूजा पद्धति और संस्कृति छोड़ चुके थे। इस समुदाय में हिंदू रीति से शादी की जगह निकाह पढ़ाया जाने लगा था। दशकों बाद संघ के प्रयास से इस समुदाय ने हिंदू पूजा पद्धति अपनाई। इसके अलावा पहली बार बीते साल 8 दिसंबर को संघ के प्रयास से यहां सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया।

विज्ञापन


संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की शुक्रवार से शुरू हुई बैठक में इसकी जानकारी सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने वार्षिक प्रतिवेदन के माध्यम से दी। प्रतिवेदन के जरिए उन्होंने बताया कि संघ के प्रयास से बन्नी इलाके में मंदिरों का निर्माण और शिक्षा देने का सिलसिला शुरू हुआ है। इस समुदाय के जीवन स्तर को सुधारने के लिए इस इलाके के चार गांवों में व्यापक सहयोग के जरिए 65 परिवारों को पक्का मकान मुहैया कराया गया है। प्रतिवेदन में कहा गया है कि पाकिस्तान के इस सीमावर्ती इलाके के वाढा समुदाय इलाके के बहुसंख्यक मुसलमानों के प्रभाव, गरीबी, अशिक्षा के कारण हिंदू धर्म की परंपरा त्याग कर इस्लामिक परंपरा अपना चुके थे। इन समुदायों में हिंदू रीति से शादी की जगह निकाह पढ़ाया जाता था। शव का दाह संस्कार की जगह उसे दफनाया जाता था। यहां तक कि इनके नाम, इनका पहनावा, पूजा पद्धति सबकुछ इस्लामिक हो चुका था।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: केरल भाजपा कार्यकर्ता हत्याकांड: सीएम विजयन के प्रेस सचिव के भाई समेत नौ माकपा सदस्य दोषी; सजा पर 24 को सुनवाई
विज्ञापन
विज्ञापन


सेवा विभाग ने शुरू की थी मुहिम...इस आशय की सूचना मिलने के बाद संघ के सेवा विभाग ने बदलाव की मुहिम शुरू की। इस मुहिम के तहत इस समुदाय को शिक्षा से जोड़ने के बाद फिर से हिंदू पद्धति अपनाने के लिए राजी किया गया। इनका जीवन स्तर सुधारने, सफाई के प्रति जागरुकता लाने के तमाम प्रयास किए गए। इसके बाद पहली बार इस इलाके में हिंदू रीति से सामूहिक विवाद का आयोजन किया गया।

बांग्लादेशी हिंदुओं के साहस की सराहना
प्रतिवेदन में बांग्लादेश की स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए वहां सत्ता परिवर्तन के बाद मजहबी कट्टरपंथियों द्वारा हिंदू समाज और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हुए बर्बतापूर्ण हमले की निंदा की गई है। हिंदू समाज का बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के समर्थन में खड़ा होने का आह्वान करते हुए कहा गया है कि इनके मानवाधिकारों की रक्षा के लिए एकजुटता जरूरी है। इसके लिए बैठक में बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाने कीर णनीति भी तैयार की जाएगी। प्रतिवेदन में बांग्लादेश के हिंदुओं के साहस की प्रशंसा की गई है। कहा-गया कि जिन हालात में वहां हिंदू अत्याचार का सामना कर रहे हैं व सराहनीय है। 

संबंधित वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed