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डिजिटल मुद्रा को बढ़ावा देने पर जोर दें बैंक : जेटली
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
Updated Fri, 25 Nov 2016 04:06 AM IST
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वित्त मंत्री अरुण जेटली
- फोटो : Getty
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केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बैंक प्रमुखों को नोट के स्थान पर अधिक से अधिक डिजिटल मुद्रा को बढ़ावा देने के लिए ई-ट्रांजेक्शन पर जोर देने का निर्देश दिया है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक जेटली ने बृहस्पतिवार को सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के बैंक प्रमुखों से वीडियो कांफ्रेंस के जरिए बैठक की।
इस दौरान बैंकों से कहा गया कि वे ई-ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए वैकल्पिक बैंकिंग चैनल के इस्तेमाल को बढ़ावा दें। इनमें एनईएफटी, मोबाइल वॉलेट, प्रीपेड कार्ड, क्यूआर कोड, पेरोल कार्ड, यूपीआई और डेबिट-क्रेडिट कार्डों के उपयोग जैसे उपाय शामिल हैं।
मंत्रालय के मुताबिक इसी क्रम में अधिकतर बैंकों ने अपने डेबिट कार्ड पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) में 31 दिसंबर 2016 तक छूट देने की घोषणा कर दी है। अब उन्हें वैकल्पिक चैनल के अधिक से अधिक इस्तेमाल को बढ़ावा देने को कहा गया है। मंत्री ने कहा कि बैंकों में जैसे-जैसे भीड़ घट रही है, उन्हें सामान्य ऋण गतिविधियां और मुद्रा लोन पर भी ध्यान देना चाहिए।
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उल्लेखनीय है कि रबी फसल की बुवाई में किसानों को दिक्कत न हो, इसके लिए सरकार ने सहकारी बैंकों को 21,000 करोड़ रुपये देने का फैसला किया है। डिस्ट्रिक सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक (डीसीसीबी) को यह रकम नाबार्ड के जरिए दी जाएगी। सरकार ने बैंकों को ग्रामीण क्षेत्र पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है ताकि वहां नकदी की किल्लत नहीं हो।
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इस दौरान बैंकों से कहा गया कि वे ई-ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए वैकल्पिक बैंकिंग चैनल के इस्तेमाल को बढ़ावा दें। इनमें एनईएफटी, मोबाइल वॉलेट, प्रीपेड कार्ड, क्यूआर कोड, पेरोल कार्ड, यूपीआई और डेबिट-क्रेडिट कार्डों के उपयोग जैसे उपाय शामिल हैं।
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मंत्रालय के मुताबिक इसी क्रम में अधिकतर बैंकों ने अपने डेबिट कार्ड पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) में 31 दिसंबर 2016 तक छूट देने की घोषणा कर दी है। अब उन्हें वैकल्पिक चैनल के अधिक से अधिक इस्तेमाल को बढ़ावा देने को कहा गया है। मंत्री ने कहा कि बैंकों में जैसे-जैसे भीड़ घट रही है, उन्हें सामान्य ऋण गतिविधियां और मुद्रा लोन पर भी ध्यान देना चाहिए।
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उल्लेखनीय है कि रबी फसल की बुवाई में किसानों को दिक्कत न हो, इसके लिए सरकार ने सहकारी बैंकों को 21,000 करोड़ रुपये देने का फैसला किया है। डिस्ट्रिक सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक (डीसीसीबी) को यह रकम नाबार्ड के जरिए दी जाएगी। सरकार ने बैंकों को ग्रामीण क्षेत्र पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है ताकि वहां नकदी की किल्लत नहीं हो।