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CBI: 25 साल पुराने बैंक धोखाधड़ी मामले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, अमेरिका से लाया गया वापस; जानें पूरा मामला
Wed, 06 Mar 2024 10:36 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Wed, 06 Mar 2024 10:36 PM IST
सार
1998 के बैंक धोखाधड़ी मामले में 25 साल बाद आरोपी को अमेरिका से पकड़कर वापस भारत लाया जा रहा है। ग्लोबल ऑपरेशंस सेंटर ने इंटरपोल चैनलों का इस्तेमाल करके नेशनल सेंट्रल ब्यूरो वाशिंगटन ने उसे अपने अधिकार क्षेत्र में ढूंढ लिया।
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सीबीआई (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : ANI
विस्तार
बैंक धोखाधड़ी मामले से जुड़े एक आरोपी के खिलाफ जारी इंटरपोल रेड नोटिस होने के बाद उस अमेरिका में पकड़ा गया, जिसे भारत वापस लाया गया। अधिकारियों ने इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 25 साल पुराने धोखाधड़ी मामले में आरोपी राजीव मेहता ने बैंक ड्रॉफ्ट को रोक लिया था, जिसके बाद आरोपी ने पैसा निकाल लिया था। गौरतलब है कि वर्ष 2000 से आरोपी मामले में फरार चल रहा था।
इंटरपोल सदस्य देशों को रेड नोटिस भेजा गया था- सीबीआई
अधिकारियों ने कहा कि ग्लोबल ऑपरेशंस सेंटर ने इंटरपोल चैनलों का इस्तेमाल करके नेशनल सेंट्रल ब्यूरो वाशिंगटन ने उसे अपने अधिकार क्षेत्र में ढूंढ लिया। सीबीआई प्रवक्ता ने कहा कि इंटरपोल ने सीबीआई के अपील पर 16 जून 2000 को मेहता के खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था। प्रवक्ता ने कहा कि आरोपियों की लोकेशन और गिरफ्तारी के लिए सभी इंटरपोल सदस्य देशों को रेड नोटिस भेजा गया था।
1998 में बैंक धोखाधड़ी का मामला
गौरतलब है कि सेंट्रल बैंक ऑप इंडिया में फर्जी बैंक खाते खोलने से जुड़े धोखाधड़ी, चोरी और आपराधिक साजिश के संबंध में मुकदमा चलाने के लिए 1998 में दर्ज एक आपराधिक मामले में सीबीआई को इस व्यक्ति की तलाश थी। प्रवक्ता ने कहा, उन्हें 1999 में अदालत द्वारा भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया था। उन्होंने कहा कि सीबीआई इंटरपोल चैनलों के माध्यम से सहायता के लिए भारत में सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय करती है।
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इंटरपोल सदस्य देशों को रेड नोटिस भेजा गया था- सीबीआई
अधिकारियों ने कहा कि ग्लोबल ऑपरेशंस सेंटर ने इंटरपोल चैनलों का इस्तेमाल करके नेशनल सेंट्रल ब्यूरो वाशिंगटन ने उसे अपने अधिकार क्षेत्र में ढूंढ लिया। सीबीआई प्रवक्ता ने कहा कि इंटरपोल ने सीबीआई के अपील पर 16 जून 2000 को मेहता के खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था। प्रवक्ता ने कहा कि आरोपियों की लोकेशन और गिरफ्तारी के लिए सभी इंटरपोल सदस्य देशों को रेड नोटिस भेजा गया था।
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1998 में बैंक धोखाधड़ी का मामला
गौरतलब है कि सेंट्रल बैंक ऑप इंडिया में फर्जी बैंक खाते खोलने से जुड़े धोखाधड़ी, चोरी और आपराधिक साजिश के संबंध में मुकदमा चलाने के लिए 1998 में दर्ज एक आपराधिक मामले में सीबीआई को इस व्यक्ति की तलाश थी। प्रवक्ता ने कहा, उन्हें 1999 में अदालत द्वारा भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया था। उन्होंने कहा कि सीबीआई इंटरपोल चैनलों के माध्यम से सहायता के लिए भारत में सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय करती है।
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