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Assam: सीएम बोले- चिकन नेक को कमजोर करने की कोशिश कर रहे बांग्लादेशी चरमपंथी तत्व, नाजुक होंगे आने वाले 20 साल

Thu, 21 Aug 2025 08:53 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी। Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 21 Aug 2025 08:53 PM IST
सार

Assam: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने आरोप लगाया कि बांग्लादेशी चरमपंथी तत्व पूर्वोत्तर भारत के लिए अहम 'चिकन नेक' गलियारे को कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धुबरी जिले में कुछ लोग वर्षों पहले बांग्लादेश से आए लोगों को उनकी 'मूल पहचान' की याद दिलाकर भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।

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Bangladeshi elements trying to weaken Chicken's Neck: Himanta
हिमंत बिस्वा सरमा - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने गुरुवार को दावा किया कि कुछ बांग्लादेशी चरमपंथी तत्व भारत में कई वर्ष पहले बांग्लादेश से आए लोगों को उकसाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि 'चिकन नेक' गलियारा कमजोर किया जा सके। यह गलियारा पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है। 
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'स्थानीय लोगों को भड़का रहे बांग्लादेशी कट्टरपंथी'
गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सरमा ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में, खासकर असम के धुबरी जिले में, एक टबड़े गेम प्लान' के तहत लोगों को उनकी 'मूल पहचान' की याद दिलाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा, धुबरी की स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि बांग्लादेशी कट्टरपंथियों का एक वर्ग स्थानीय लोगों को भड़काने की कोशिश कर रहा है। वे उन्हें बांग्लादेश के प्रति वफादारी दिखाने के लिए उकसा रहे हैं, जबकि वे लोग वर्षों पहले वहां से भारत आकर बस चुके हैं। 
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'भविष्य के लिए बड़ा सुरक्षा खतरा'
मुख्यमंत्री ने बताया कि चिकन नेक क्षेत्र के आसपास के ज्यादातर लोग मूल रूप से बांग्लादेश से आए थे और बाद में एक तय वर्ष की समयसीमा के अनुसार भारत की नागरिकता प्राप्त की थी। उन्होंने कहा, अब कुछ तत्व ऐसे लोगों को उनकी मूल पहचान की याद दिलाकर उन्हें भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। यह आने वाले दिनों में बहुत बड़ा सुरक्षा खतरा बन सकता है। धुबरी की स्थिति बेहद संवेदनशील है। 


'धुबरी में दीवारों पर लिखे गए नारे'
सरमा ने बताया कि धुबरी में हाल ही में दीवारों पर उकसावे वाले नारे लिखे गए, पर्चे बांटे गए और अब स्थानीय लोगों को फोन कॉल आ रहे हैं, जिनमें उन्हें बांग्लादेश के प्रति वफादारी जताने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सीमा पार बांग्लादेश में हथियार प्रशिक्षण शिविर भी चल रहे हैं।

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'बेहद नाजुक होंगे आने वाले 20 साल'
उन्होंने कहा, मैं हमेशा कहता हूं कि पूर्वोत्तर भारत, असम और पश्चिम बंगाल आग की थाली पर बैठे हैं। आने वाले 20 साल बेहद नाजुक होंगे। आम दिनों में इन तत्वों की मानसिकता शायद न दिखे, लेकिन अगर बांग्लादेश के साथ कभी युद्ध या संकट की स्थिति बनी, तो उनकी वफादारी की असली परीक्षा होगी। 


 
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