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Odisha: बांग्लादेशी युवक ने जगन्नाथ मंदिर के गर्भगृह का वीडियो शूट कर सोशल मीडिया पर डाला, एफआईआर दर्ज
Sun, 20 Nov 2022 04:08 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुरी
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 20 Nov 2022 04:08 PM IST
सार
12वीं शताब्दी के मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल फोन और कैमरे को लेना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसलिए सवाल उठ रहे हैं कि बांग्लादेशी नागरिक कैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को मंदिर के अंदर ले जा सकता है जबकि वहां कई सुरक्षा कर्मी मौजूद थे।
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Mystery Of Jagannath Temple
- फोटो : iStock
विस्तार
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने रविवार को एक बांग्लादेशी नागरिक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि उसने मंदिर के 'गरबा गृह' (गर्भगृह) का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। मामले का खुलासा वीडियो वायरल होने के बाद शनिवार को हुआ।
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आरोपी की पहचान आकाश चौधरी के रूप में हुई है। उसने खुद के इस्कॉन भक्त और यू-ट्यूबर होने का दावा किया। एसजेटीएक के प्रशासक (सुरक्षा) वी. एस. चंद्रशेखर राव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, हमने सिंह द्वारा थाने में बांग्लादेशी नागरिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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12वीं शताब्दी के मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल फोन और कैमरे को लेना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसलिए सवाल उठ रहे हैं कि बांग्लादेशी नागरिक कैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को मंदिर के अंदर ले जा सकता है। वहां कई सुरक्षा कर्मी मौजूद थे लेकिन किसी की भी उस पर नजर नहीं गई।
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मंदिर प्रशासन के सेवादार ने कहा, ऐसा लगता है कि वीडियो मंदिर के जया-बिजय द्वार से रिकॉर्ड किया गया था, क्योंकि इसमें गर्भगृह के रत्न सिंघासन पर देवताओं की मूर्तियों को कैद कर लिया था। चंद्रशेखर राव ने कहा, यह सुरक्षा में चूक नहीं है, लेकिन हम निश्चित रूप से सुरक्षा व्यवस्था में सुधार करेंगे।
उन्होंने कहा, बांग्लादेशी युवक ने आईटी अधिनियम और श्री जगन्नाथ मंदिर अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। वीडियो को हटा दिया गया है।
पुलिस सूत्रों ने कहा, आरोपी ने वीडियो का कैप्शन बांग्ला भाषा में लिखा था। मंदिर के एक सेवादार भागीरथी दास ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है और प्रशासन को इस चूक के लिए जिम्मेदार ठहराया है।