फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Bangladesh Foreign minister and secretory not participate in raisina dialogue 2020 due to nrc, caa

बांग्लादेश के रायसीना डायलॉग में शामिल न होने के पीछे NRC और CAA!

Tue, 14 Jan 2020 04:16 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 14 Jan 2020 04:16 PM IST
विज्ञापन
Bangladesh Foreign minister and secretory not participate in raisina dialogue 2020 due to nrc, caa
Raisina dialogue 2020 - फोटो : Social Media

नई दिल्ली में हो रहे रायसीना डायलॉग में बांग्लादेश का शामिल नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। सीधे तौर पर देखें, तो एनआरसी  (NRC) और सीएए (CAA) को इसके पीछे मूल कारण माना जा रहा है। जब से असम में एनआरसी लागू हुआ और नागरिकता संशोधन कानून बना तब से ही बांग्लादेश ने भारत से दूरियां बनानी शुरु कर दी हैं।

विज्ञापन


पहले से तय रायसीना डायलॉग में शामिल होने का फैसला बांग्लादेश ने अचानक बदला दिया और बांग्लादेशी उप विदेश मंत्री शहरयार आलम के अलावा अब बांग्लादेश के विदेश सचिव शाहिदुल हक ने भी भारत नहीं आने का फैसला किया।
विज्ञापन


हालांकि बांग्लादेश ने इसके पीछे वजह कुछ और बताई है और कहा है कि प्रधानमंत्री के संयुक्त अरब अमीरात के दौरे में उनके साथ जाने की वजह से शहरयार ने अपना भारत दौरा रद्द किया है और इस बारे में एक पत्र भी डायलॉग के आयोजक ओवरसीज रिसर्च फाउंडेशन को भेज दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गौरतलब है कि शहरयार आलम को इसमें बाकायदा एक प्रमुख वक्ता के तौर पर बुलाया गया था। लेकिन शहरयार के करीबी सूत्रों का कहना है कि भारत में सीएए और एनआरसी की वजह से पैदा हुए तनाव और दोनों देशों के बीच इस वजह से आई दूरियों की वजह से बांग्लादेश ने ये फैसला लिया है।

यह बात ध्यान देने की है कि पिछले एक महीने में शहरयार चौथे ऐसे बांग्लादेशी नेता हैं, जिन्होंने अपना भारत दौरा रद्द किया है। एनआरसी को लेकर पिछले साल सितंबर में भी शेख हसीना ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी मुलाकात के दौरान अपनी असहमति जताई थी।

खासकर सीएए में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले जुल्म की बात पर भी बांग्लादेश को आपत्ति है कि उसे पाकिस्तान और अफगानिस्तान के साथ क्यों जोड़ा गया। बांग्लादेश का दावा है कि वहां अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव या जुल्म नहीं होता।


इसी 12 जनवरी को बांग्लादेशी विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर भारतीय सुरक्षाबलों (बीएसएफ) के पिछले साल बांग्लादेशी नागरिकों के मारे जाने की घटनाओं में बढ़ोतरी पर भी चिंता जताई थी। जाहिर है इन तमाम वजहों को बांग्लादेशी मंत्रियों और प्रतिनिधियों को भारत आने से परहेज़ करने की बड़ी वजह माना जा रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed