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Mahalakshmi Murder: सहकर्मी के 59 टुकड़े कर फरार हुआ, 22 दिन बाद खुद लगा ली फांसी, डायरी में दरिंदगी की कहानी

Thu, 26 Sep 2024 03:27 PM IST
शिवेंद्र तिवारी स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Thu, 26 Sep 2024 03:27 PM IST
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सार
Mahalakshmi Murder Case Timeline: बंगलूरू के महालक्ष्मी हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुक्ति राजन ने आत्महत्या कर ली है। आरोपी के पास मिली डायरी में एक नोट मिला है। राजन ने अपने सुसाइड नोट में जिक्र किया है कि उसने 3 सितंबर को महालक्ष्मी की हत्या कर दी थी। आइये जानते हैं महालक्ष्मी हत्याकांड की पूरी कहानी...
 
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Bangalore Mahalakshmi Murder case timeline and accused Mukti Rajan Ray suicide news in hindi
बंगलूरू में महालक्ष्मी हत्याकांड - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

बंगलूरू में महालक्ष्मी हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुक्ति राजन प्रताप रे ने आत्महत्या कर ली है। पुलिस के मुताबिक, पकड़े जाने के डर से आरोपी ने यह कदम उठाया। आरोपी ने बुधवार को ओडिशा में खुदकुशी कर ली। पिछले दिनों बंगलूरू में दिल्ली जैसा श्रद्धा मर्डर केस जैसा मामला सामने आया था। बंगलूरू में रहने वाली महिला महालक्ष्मी की बेरहमी से हत्या कर दी गई और उसे 50 से ज्यादा टुकड़ों में काटकर फ्रीजर में भर दिया गया। कर्नाटक पुलिस की कई टीमें महालक्ष्मी की हत्या की सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।


आइये जानते हैं कि आखिर महालक्ष्मी हत्याकांड क्या है? घटना का खुलासा कैसे हुआ? आरोपी कौन है? पुलिस की जांच में क्या निकला? मुख्य आरोपी ने आत्महत्या क्यों की? 


महालक्ष्मी हत्याकांड क्या है?
बंगलूरू में शनिवार (21 सितंबर) को एक भयावह हत्याकांड का मामला सामने आया। वायलिकावल में दिल्ली में श्रद्धा वाकर की हत्या की तर्ज पर 29 वर्षीय महिला महालक्ष्मी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। यहां विनायक लेआउट इलाके के एक घर में हत्याकांड को अंजाम दिया गया। उनके शरीर के टुकड़े कर एक रेफ्रिजरेटर के अंदर भरे हुए मिले थे। महालक्ष्मी का क्षत-विक्षत शव उनकी मां और बड़ी बहन ने घर में पाया। महालक्ष्मी की एक बहन अपने जुड़वां बेटों के साथ एक ही इमारत में अलग-अलग घरों में रहती थीं। महालक्ष्मी अपने पति हेमंत दास से अलग हो गई थीं और अक्तूबर 2023 से इस इलाके में रह रही थीं। 

बंगलूरू में महालक्ष्मी हत्याकांड
बंगलूरू में महालक्ष्मी हत्याकांड - फोटो : ANI
कैसे हुआ हत्यकांड का खुलासा?
21 तारीख को मकान मालिक ने फोन कर मां को बताया कि घर से बहुत दुर्गंध आ रही है। दोपहर करीब 12 बजे वह आईं और ताला हटाया तो उनकी बेटी के कपड़े फ्रीजर में मिले। यह देखकर महालक्ष्मी की मां हैरान हो गईं क्योंकि वह राखी त्योहार के दिन अपनी बेटी से आखिरी बार मिली थीं।

बाद में पुलिस को महालक्ष्मी की हत्या की सूचना दी गई। घटना की जानकारी भले ही 21 सितंबर को मिली लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हत्याकांड को 19 दिन पहले अंजाम दिया गया था। 2 सितंबर को महालक्ष्मी का मोबाइल बंद हो गया। फ्रिज में महालक्ष्मी के शरीर के 50 से ज्यादा टुकड़े मिले। हत्याकांड को अंजाम देने वाले ने सबूतों को मिटाने की कोशिश की थी। फ्रिज से खून की एक बूंद के अलावा घर में खून के कोई धब्बे नहीं थे। ल्यूमिनल परीक्षण के दौरान घर के फर्श पर खून का कोई निशान नहीं पाया गया। इस बात की पूरी आशंका है कि हत्यारे ने किसी केमिकल का इस्तेमाल कर पूरे घर को साफ कर दिया।

मामले में आरोपी कौन है?
महालक्ष्मी हत्याकांड को लेकर परिवार वालों ने चार लोगों पर शक जताया है, जो बंगलूरू में ही रहते थे। इनमें मुक्ति राजन, शशिधर, सुनील और अशरफ शामिल हैं। मुक्ति राजन, शशिधर और सुनील महालक्ष्मी के साथ काम करते थे। परिजन का दावा है कि उत्तराखंड का रहने वाला अशरफ महालक्ष्मी के साथ था। बताया गया कि महालक्ष्मी जिस कंपनी में काम करती थीं, वहां उनका झगड़ा हो गया था।

महालक्ष्मी के पति हेमंत दास ने बताया कि एक दिन जब उन्होंने महालक्ष्मी का मोबाइल फोन चेक किया तो पता चला कि वह अशरफ के संपर्क में हैं। 

पुलिस ने क्या जांच की?
घटना के बाद से ही बंगलूरू पुलिस ने हत्यारे की तलाश में जाल बिछा दिया। आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गईं। आरोपियों की तलाश में जहां दूसरे राज्यों में छापेमारी हो रही है। पुलिस एक-एक कर संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रही है। उधर आरोपियों की पहचान के लिए जब फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के विशेषज्ञों ने महालक्ष्मी के घर की तलाशी ली तो कई उंगलियों के निशान मिले। इससे पुलिस को शक हुआ कि महालक्ष्मी की हत्या कई लोगों ने की है।

इस बीच, पुलिस कमिश्नर बी दयानंद ने दावा किया कि पुलिस को उस शख्स का सुराग मिल गया है जिसने घटना को अंजाम दिया। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, आरोपी राज्य के बाहर का है और बंगलूरू में रहता था। हत्या करने के बाद आरोपी फरार हो गया और पुलिस ने आरोपी के लिए जाल बिछाया है। पुलिस जांच से पता चलेगा कि यह हत्या एक व्यक्ति ने की है या एक से अधिक लोगों ने की।

हत्याकांड में अभी क्या हुआ है?
महालक्ष्मी हत्याकांड में बुधवार (25 सितंबर) को उस वक्त एक नया मोड़ आ गया जब पता चला कि मुख्य आरोपी मुक्ति राजन (30) ने आत्महत्या कर ली है। हत्या के मामले में पुलिस को ओडिशा निवासी मुक्ति राजन पर शक था। वह उस मॉल में स्टोर मैनेजर था जहां महालक्ष्मी काम करती थीं और संदेह है कि उसने यह कृत्य किया है। कई जगहों पर उसकी तलाश कर रही पुलिस को जानकारी मिली कि वह ओडिशा चला गया है। मिली सूचना के आधार पर पुलिस ओडिशा गई। इस बीच, पुलिस को पता चला कि मुक्ति राजन ने आत्महत्या कर ली है। आरोपी के पास मिली डायरी में एक डेथ नोट मिला है। राजन ने नोट लिखा और कब्रिस्तान में आत्महत्या कर ली।

भद्रक जिला के एसपी वरुण गुंटुपल्ली ने गुरुवार को बताया कि बंगलूरू पुलिस की एक टीम हाल ही में हुई एक महिला की हत्या की जांच करने के लिए यहां आई थी। टीम ने कहा कि मुख्य आरोपी भद्रक का था। इससे पहले कि टीम आरोपी को पकड़ पाती, मुक्ति राजन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पोस्टमार्टम के बाद शव को आरोपी के परिवार को सौंप दिया गया।  आरोपी के पास से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने हत्या करने की बात स्वीकार की है।'

बताया गया कि मुक्ति राजन डरकर ओडिशा के भद्रक जिले में अपने गांव भाग आया था। स्थानीय धुसुरी पुलिस थाने के एसएचओ शांतनु कुमार जेना ने बताया कि पुलिस की शुरुआती जांच से पता चला है कि मृतक घबराहट की स्थिति में था। मुक्ति राजन का शव सुबह धुसुरी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत भुईनपुर गांव में एक पेड़ से लटका मिला। घटनास्थल उसके घर से करीब 2.5 से 3 किलोमीटर दूर था। एसएचओ ने कहा कि पुलिस की जांच से पता चला है कि मृतक बुधवार सुबह करीब 4 बजे स्कूटर पर बिना किसी को बताए अपने घर से निकल गया था। उसके परिवार को सुबह करीब 7 बजे उसकी मौत के बारे में पता चला और उन्होंने पुलिस को सुबह 8.30 बजे जानकारी दी। जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो उन्होंने कपड़ों से भरा एक बैग, मुक्ति राजन के पिता के नाम पर पंजीकृत एक काले रंग की गाड़ी और एक कथित सुसाइड नोट बरामद किया। अधिकारी ने कहा कि यह एक तरह का कबूलनामा था। पुलिस ने कहा कि उसने अप्राकृतिक मौत की रिपोर्ट (यूडीआर) दर्ज कर ली है। 

मुक्ति राजन पर क्या आरोप था? 
पुलिस ने कहा कि महालक्ष्मी की हत्या के बाद मुक्ति राजन खुद को छिपा रहा था। रिपोर्ट्स के अनुसार, ओडिशा के फंडी गांव का रहने वाला राजन बुधवार सुबह ही घर आया था। वह कुछ देर घर पर रुका और रात को स्कूटी से बाहर चला गया। उसके बाद वह कहां गया किसी को नहीं पता। लेकिन बुधवार को उसका शव कुलेपाड़ा नामक कब्रिस्तान में लटका हुआ मिला।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महालक्ष्मी मल्लेश्वरम में एक फैशन फैक्ट्री में काम कर रही थीं। ओडिशा निवासी मुक्ति राजन यहां टीम लीडर था और इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। दोनों 1 सितंबर को काम पर आए और अगले दिन एक साथ छुट्टी ली। महालक्ष्मी ने अपनी मां को फोन करके कहा कि वह घर आएंगी। फिर कुछ ऐसा हुआ कि हत्यारे मुक्ति राजन ने अपनी प्रेमिका महालक्ष्मी की बेरहमी से हत्या कर दी। उसने शव को 50 से ज्यादा टुकड़ों में काटकर फ्रिज में भर दिया और बंगलूरू से भद्रक की ओर भाग निकला।

सुसाइड नोट में क्या मिला?
रिपोर्ट्स के अनुसार, राजन ने अपने डेथ नोट में जिक्र किया है कि उसने 3 सितंबर को महालक्ष्मी की हत्या कर दी थी। राजन ने लिखा कि 3 सितंबर को जब वह महालक्ष्मी के घर गया तो उसने यह जुर्म किया। 'निजी मामलों पर उनसे झगड़ा हुआ था। फिर उन्होंने मुझ पर हमला कर दिया, जिससे मुझे गुस्सा आ गया और मैंने उन्हें मार डाला। इसके बाद मैंने इसके 59 टुकड़े बनाकर फ्रिज में रख दिए।' नोट में राजन ने हत्या की वजह का खुलासा करते हुए बताया है कि उसने महालक्ष्मी के व्यवहार से तंग आकर इस कृत्य को अंजाम दिया।

आरोपी राजन ने पहले महालक्ष्मी की गला दबाकर हत्या की और फिर हैकसॉ ब्लेड से काट दिया। उसने बाथरूम में महालक्ष्मी के शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर लिए थे। फिर शव को फ्रिज में भर दिया गया। पता चला है कि सबूत मिटाने के लिए बाथरूम को तेजाब से साफ किया गया था।

इस बीच, आरोपी मुक्ति राजन प्रताप रे की मां कुंजलता रे ने दावा किया कि मुक्ति राजन ने कहा था कि वह उस महिला के जाल में फंस गया है। वह उससे पैसे मांगती थी। उसने ऐसा डर के कारण किया क्योंकि महिला उससे पैसे मांगती थी।

अब आगे क्या?
अब पुलिस के सामने सवाल यह है कि जिस आरोपी ने बंगलूरू में महालक्ष्मी की जान ली और ओडिशा भाग गया, उसने आत्महत्या कर ली है। उसने यह जानकर फांसी लगा ली कि पुलिस उसके जुर्म की जांच कर रही है। फिलहाल जिस हत्यारे को हत्या की वजह बतानी थी, उसकी भी मौत हो चुकी है। पूरे बंगलूरू को हिलाकर रख देने वाली इस हत्या की वजह फिलहाल रहस्य बनी हुई है।
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