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Environment: प्लास्टिक सामग्री का विकल्प बन सकते हैं केले के छिलके, पढ़ें पूरी खबर

Sat, 24 Feb 2024 06:02 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Sat, 24 Feb 2024 06:02 AM IST
सार

अध्ययनकर्ताओं ने केले के छिलकों से बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग सामग्री तैयार करने के लिए पहले इसे चोकर में बदल दिया। इसके बाद इस पाउडर से फाइबर निकालने के लिए एक रासायनिक प्रयोग किया गया, जिसके जरिए वैज्ञानिकों ने केले के छिलकों से लिग्नोसेल्यूलोसिक सामग्री को अलग कर लिया।

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Banana peels can become an alternative to plastic material
BANANA PEELS

विस्तार

केले के छिलकों की मदद से पैकेजिंग में उपयोग होने वाली बायोडिग्रेडेबल फिल्में बनाई जा सकती हैं। यह जीवाश्म ईंधन से बने प्लास्टिक के पैकजिंग सामग्री की जगह ले सकती हैं। साउथ डकोटा स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इसे बनाने में सफलता हासिल की है। शोध जर्नल सस्टेनेबल केमिस्ट्री एंड फार्मेसी में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ता श्रीनिवास जनास्वामी और उनकी टीम का कहना है कि  दुनिया भर में केले के प्रति 2.5 एकड़ बागान में करीब 220 टन अवशेष पैदा होता है। केले के इस अवशेष में मुख्य रूप से लिग्नोसेल्युलोसिक पाया जाता है और यह बायोडिग्रेडेबल फिल्म बनाने का प्रमुख घटक है।

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छिलकों से यूं तैयार की बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग
अध्ययनकर्ताओं ने केले के छिलकों से बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग सामग्री तैयार करने के लिए पहले इसे चोकर में बदल दिया। इसके बाद इस पाउडर से फाइबर निकालने के लिए एक रासायनिक प्रयोग किया गया, जिसके जरिए वैज्ञानिकों ने केले के छिलकों से लिग्नोसेल्यूलोसिक सामग्री को अलग कर लिया। इसके बाद निकाले गए रेशों को ब्लीचिंग, डिस्टिलिंग जैसी प्रक्रियाओं के जरिए एक पतली फिल्म में बदल दिया, जो मजबूत और पारदर्शी थी। 

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प्लास्टिक पर्यावरण के लिए हानिकारक
वर्तमान में पैकेजिंग के लिए पेट्रोलियम आधारित प्लास्टिक का उपयोग किया जा रहा है, जो लम्बे समय तक पर्यावरण में बने रहते हैं। एक प्लास्टिक बैग को विघटित होने में 20 साल लग जाते है। वहीं नॉन-बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक को घुलने में 700 से ज्यादा वर्षों का समय लग सकता है। विघटन के साथ इस प्लास्टिक से कई हानिकारक केमिकल भी वातावरण में घुलमिल जाते हैं, जो काफी हानिकारक होते हैं। 

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व्यावसायिक उपयोग पर शोध जारी
शोधकर्ताओं का दावा है कि उनकी यह विशिष्ट खोज सर्कुलर बायोइकोनॉमी में सकारात्मक योगदान देगी। भविष्य के शोध में वैज्ञानिक, फिल्म को और अधिक लचीला बनाने के साथ ही इसे व्यावसायिक उपयोग के लिए उपयुक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इस बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग की खासियत यह है कि मिट्टी में 21 फीसदी नमी होने पर यह फिल्म 30 दिनों में विघटित हो जाती है, जो पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल है।

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