ये कैसा प्रतिबंध : भाजपा नेता हिमंता बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर कहा- सब हमारे रोड शो में आना
एक ओर जहां कांग्रेस ने चुनाव आयोग के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। वहीं दूसरी ओर प्रतिबंध के बावजूद भाजपा नेता सोशल मीडिया पर पार्टी उम्मीदवार के लिए प्रचार करते नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि सरमा असम में भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची में आठवें नंबर पर हैं।
विस्तार
असम में भाजपा नेता हिमंत बिस्वा सरमा के चुनाव प्रचार करने पर लगे प्रतिबंध की अवधि को 48 घंटे से घटाकर 24 घंटे किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एक ओर जहां कांग्रेस ने चुनाव आयोग के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। वहीं दूसरी ओर प्रतिबंध के बावजूद भाजपा नेता सोशल मीडिया पर पार्टी उम्मीदवार के लिए प्रचार करते नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि सरमा असम में भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची में आठवें नंबर पर हैं।
दरअसल, 24 घंटे के लिए प्रचार करने पर प्रतिबंध होने के बाद भी भाजपा नेता हिमंत बिस्वा सरमा ने पार्टी के एक उम्मीदवार के लिए ट्वीट किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा- आज शाम को पश्चिम गुवाहाटी निर्वाचन क्षेत्र से हमारे उम्मीदवार रामेन्द्र नारायण कलिता के समर्थन में सोनाराम मैदान से लाल गणेश तक हमारे रोड शो में शामिल हों। रोड शो 6 किमी लंबा होगा।
I consider myself eternally blessed to have your enormous affection. Gratitude 💖 Join me Live from Sonaram Field to Lal Ganesh, Guwahati. #HBSCampaignTrail https://t.co/F2NraX63bp
विज्ञापन विज्ञापन— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) April 3, 2021
क्या है प्रतिबंध
चुनाव आयोग ने भाजपा नेता हिमंत बिस्वा सरमा को दो अप्रैल से 48 घंटों के लिए विधानसभा चुनाव में कोई जनसभा आयोजित करने, जुलूस, रैलियां, रोड शो निकालने, साक्षात्कार देने और मीडिया (इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट, सोशल मीडिया) से बात करने से रोक दिया था। हालांकि बाद में आयोग ने इस अवधि को घटाकर 24 घंटे कर दिया।
प्रतिबंध लगाए जाने के बाद दो अप्रैल को रात 10.46 बजे मंत्री सरमा ने एक ट्वीट कर कहा था कि मुझे निर्वाचन आयोग ने अगले 48 घंटों के लिए प्रचार रोकने को कहा है इसलिए कल होने वाली मेरी सभी बैठकें रद्द की जाती हैं।
हालांकि इसके बाद तीन अप्रैल यानी शनिवार को आयोग ने प्रतिबंध की अवधि घटा दी। अब ऐसे में प्रतिबंध के 24 घंटे पूरे हुए या नहीं यह एक अलग ही सवाल है। दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी ने प्रतिबंध की अवधि घटाए जाने पर सवाल उठाए हैं। तीन अप्रैल को ही सुबह 7.05 बजे सरमा ने दो ट्वीट किए हैं, जिनमें उन्होंने आयोग को भेजे अपने जवाब की कॉपी की तस्वीर साझा की है।
कोर्ट में कोई चुनौती नहीं दी, दादी को किया याद
इसके बाद एक और ट्वीट कर सरमा ने आयोग के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की खबरों का खंडन किया है। तीन अप्रैल को दोपहर 1.59 बजे सरमा ने यह ट्वीट कर कहा है कि उन्होंने चुनाव आयोग के प्रतिबंध लगाने के फैसले को किसी भी कोर्ट में चुनौती नहीं दी है। इसके बाद उन्होंने अपने बचपन की एक तस्वीर साझा की है, इसमें वह अपनी दादी के साथ नजर आ रहे हैं।
Join us in our Road Show today evening from Sonaram field to Lal Ganesh which will cover 6 km distance in support of Sri Ramendra Narayan Kalita, Our candidate from west Guwahati Constituency
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) April 3, 2021
प्रियंका गांधी बोलीं- चुनाव आयोग ने वो पन्ना फाड़कर फेंक दिया
कांग्रेस पार्टी ने प्रतिबंध की अवधि को 48 घंटे से घटाकर 24 घंटे किए जाने को 'संसदीय लोकतंत्र के लिए काला दिन' करार देते हुए शनिवार को दावा किया कि चुनाव आयोग ने यह फैसला मोदी सरकार के दबाव में किया है, जिसके लिए उसे इतिहास कभी माफ नहीं करेगा। जबकि पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने यह आरोप भी लगाया कि ऐसा लगता है कि चुनाव आयोग ने अपनी नियम पुस्तिका से निष्पक्षता वाला पन्ना फाड़कर फेंक दिया है।
उन्होंने ट्वीट किया कि चुनाव आयोग से हम भाजपा नेता की गाड़ी में ईवीएम मामले में कड़ी कार्रवाई का इंतजार कर ही रहे थे कि आयोग के एक और कदम से ऐसा लगता है कि उसने अपनी रुलबुक से निष्पक्षता वाला पेज फाड़के फेंक दिया है। प्रियंका ने सवाल किया कि आखिर किस दबाव में धमकी देने वाले भाजपा नेता पर प्रतिबंध को 48 घंटे से घटाकर 24 घंटे किया गया?
यह है पूरा मामला
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने असम के मंत्री और भाजपा नेता सरमा पर चुनाव प्रचार प्रतिबंध की अवधि 48 घंटे से कम कर 24 घंटे कर दी। उन्होंने चुनाव आयोग को आश्वासन दिया कि आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का पालन करेंगे, जिसके बाद प्रचार प्रतिबंध की अवधि घटाई गई।
बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के प्रमुख हाग्रामा मोहिलारी के खिलाफ कथित तौर पर धमकी भरी टिप्पणी के लिए शुक्रवार को उनके चुनाव प्रचार करने पर चार अप्रैल तक प्रतिबंध लगा दिया गया था। असम विधानसभा चुनाव के तीसरे एवं अंतिम चरण के लिए प्रचार चार अप्रैल की शाम को समाप्त हो जाएगा। राज्य में अंतिम चरण के चुनाव छह अप्रैल को होंगे।