Balasore Train Mishap: उड़ीसा हाईकोर्ट से तीनों आरोपियों को जमानत, सिग्नल स्टाफ यूनियन ने फैसले का किया स्वागत
भारतीय रेलवे एसएंडटी मेंटेनर्स यूनियन ने बालासोर ट्रेन हादसे के तीनों आरोपियों को जमानत देने पर उड़ीसा हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। यूनियन के महासचिव आलोक चंद्र प्रकाश ने दिवाली से पहले आरोपियों की रिहाई की भी गुहार लगाई है।
विस्तार
उड़ीसा हाईकोर्ट ने बालासोर ट्रेन हादसे में कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों को मंगलवार को सशर्त जमानत दी है। इन आरोपियों को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरफ्तार किया था। उड़ीसा हाईकोर्ट के इस फैसले का भारतीय रेलवे एसएंडटी मेंटेनर्स यूनियन ने स्वागत किया है। इस दुर्घटना में लगभग 300 यात्रियों की मौत हो गई थी और 1200 से अधिक लोग घायल हुए थे।
भारतीय रेलवे एसएंडटी मेंटेनर्स यूनियन के महासचिव आलोक चंद्र प्रकाश ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा तीनों आरोपियों को जमानत दिए जाने का पता चला है। यूनियन इस फैसले का स्वागत करती है। यूनियन महासचिव ने दिवाली से पहले आरोपियों की रिहाई की भी गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि मैं हाईकोर्ट और सीबीआई से जल्द से जल्द कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने का अनुरोध करता हूं, ताकि तीनों आरोपियों को दिवाली से पहले जमानत पर रिहा किया जा सके और वे अपने परिवार के साथ मिलकर जश्न मना सकें। उन्होंने कहा, 'वे एक साल से अधिक समय से जेल में हैं। रेलवे सुरक्षा आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि दुर्घटना मानवीय भूल के कारण हुई थी।'
वकील ने दिवाली से पहले रिहाई पर आपत्ति जताई
हालांकि, आरोपियों में से एक की ओर से पेश वकील केदार नाथ त्रिपाठी ने कानूनी औपचारिकताओं के कारण उनकी शीघ्र रिहाई पर आपत्ति व्यक्त की। वकील त्रिपाठी ने कहा, 'अदालत ने मंगलवार को जमानत देने का आदेश सुनाया। अब रिहाई आदेश प्राप्त करने के लिए आदेशों की प्रमाणित प्रतियां सीबीआई अदालत में जमा करनी होंगी। मुझे लगता है कि इसमें समय लगेगा और यह दिवाली से आगे भी बढ़ सकता है।'
सीबीआई ने सात जुलाई 2023 को गिरफ्तार किए थे तीनों आरोपी
सीबीआई ने इस दुर्घटना में कथित रूप से शामिल होने के लिए मोहम्मद अमीर खान, अरुण कुमार महंत और पप्पू यादव को 7 जुलाई 2023 को गिरफ्तार किया था। महंत और यादव बालासोर में वरिष्ठ अनुभाग इंजीनियर (प्रभारी) और तकनीशियन के रूप में तैनात थे, जबकि खान बालासोर के पास सोलो में वरिष्ठ अनुभाग इंजीनियर के रूप में काम करते थे।
न्यायमूर्ति ने जमानत आदेश में लगाई छह शर्तें
न्यायमूर्ति आदित्य कुमार महापात्र की एकल पीठ ने तीनों आरोपियों को सशर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। प्रत्येक आरोपी को 50000 रुपये का जमानत बॉन्ड और इतनी ही राशि के दो स्थानीय सॉल्वेंट श्योरिटीज देने होंगे। कोर्ट ने छह अतिरिक्त शर्तें भी लगाई हैं, जिसमें कहा गया है कि रेल अधिकारी उन्हें उसी डिवीजन में तैनात नहीं करेंगे जहां दुर्घटना हुई थी।
2 जून 2023 को इन ट्रेनों के बीच हुई थी टक्कर
बता दें कि 2 जून, 2023 को बालासोर के बहनागा बाजार स्टेशन के पास शालीमार-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस, बंगलूरू-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस और एक स्थिर मालगाड़ी की टक्कर में 293 लोगों की मौत हो गई थी।
संबंधित वीडियो
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.