Badlapur Case: बदलापुर स्टेशन पर रेल रोको प्रदर्शन, 15 ट्रेनों का रूट डायवर्ट; दस घंटे बाद शुरू हुआ परिचालन
बदलापुर में दो स्कूली छात्राओं के यौन शोषण के विरोध में रेल रोको प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन की वजह से 15 ट्रेनों के का रूट डायवर्ट किया गया। प्रदर्शन की वजह से अंबरनाथ-कारजात सेक्शन पर लोकल ट्रेन सेवाओं को 10 घंटे के लिए निलंबित किया गया।
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महाराष्ट्र के ठाणे जिले के बदलापुर में दो स्कूली छात्राओं के यौन शोषण के विरोध में रेल रोको प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन की वजह से 15 ट्रेनों के का रूट डायवर्ट किया गया। इसके अलावा प्रदर्शन की वजह से अंबरनाथ-कारजात सेक्शन पर लोकल ट्रेन सेवाओं को 10 घंटे के लिए निलंबित किया गया। इस वजह से हजारों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। आखिरकार पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को हटाने के 10 घंटे बाद रेल सेवाएं बहाल की गईं।
#WATCH | Thane, Maharashtra | Train services resumed Badlapur Railway Station earlier this evening, after protesters vacated the railway tracks.
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People protested on the railway tracks of the railway station for around 10 hours today, over alleged sexual assault with a girl… pic.twitter.com/QEcvabN6maविज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 20, 2024
रेलवे अधिकारी स्वप्निल नीला ने क्या कहा?
मंगलवार को हजारों प्रदर्शनकारियों ने बदलापुर स्टेशन पर रेलवे ट्रैक को बाधित कर दिया। इस वजह से स्थानीय ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं। कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों को डायवर्ट किया गया। केंद्रीय रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने कहा कि 10 घंटे निलंबित रहने के बाद रात 8:05 बजे पहली ट्रेन बदलापुर स्टेशन पर पहुंची। स्वप्निल नीला ने आगे बताया कि सोलापुर-सीएसएमटी वंदे भारत एक्सप्रेस समेत कुल 15 एक्सप्रेस ट्रेनों को पांच बजे तक डिवा-पनवेल-कारजात स्टेशनों के रास्ते डायवर्ट किया गया।
ठाणे जिले का प्रमुख रेलवे स्टेशनों में से एक बदलापुर भी है। यह स्टेशन केंद्रीय रेलवे की मुख्य लाइन पर स्थित है। इस स्टेशन से प्रतिदिन 1,800 से अधिक उपनगरीय सेवाएं संचालित की जाती हैं। इनमें से 894 ट्रेनें मुख्य लाइन पर चलती हैं।
सुबह 10 बजे रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए थे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारी सुबह 10 बजे बदलापुर रेलवे स्टेशन पहुंच गए और रेल रोकना शुरू कर दिया। इस दौरान मध्य रेलवे की कुछ रेल सेवाएं बंद कर दी गईं। दोपहर में प्रदर्शनकारी स्कूल पहुंचे और तोड़फोड़ की। इसके बाद करीब दोपहर 12.15 बजे स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी दी। 12.40 बजे गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया जिसके बाद पुलिस ने रेलवे ट्रैक खाली कराया। दोपहर एक बजे प्रदर्शनकारी वापस रेलवे ट्रैक पर आ गए।
पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज
दोपहर 2.45 बजे से प्रदर्शनकारियों ने बदलापुर स्टेशन पर दोबारा बवाल किया, उस वक्त रेलवे पुलिस कमिश्नर रवींद्र शिसवे उनसे अपील कर रहे थे। आखिरकार शाम करीब छह बजे पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करना पड़ा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव भी किया। हालांकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रेलवे ट्रैक से हटा दिया है और स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।
महाराष्ट्र के बदलापुर में क्या हुआ था?
बदलापुर पूर्व के एक नामी स्कूल में दो बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न की घटना ने पूरे इलाके में रोष व्याप्त कर दिया है। बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप स्कूल टॉयलेट साफ करने वाले व्यक्ति अक्षय शिंदे पर लगा है। रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ितों में से एक चार साल की है और दूसरी छह साल की है। यह घटना 12 और 13 अगस्त को घटी थी। आरोपी अक्षय शिंदे को 1 अगस्त, 2024 को टॉयलेट साफ करने के लिए अनुबंध के आधार पर स्कूल में भर्ती किया गया था। स्कूल ने लड़कियों के शौचालयों की सफाई के लिए कोई महिला कर्मचारी नियुक्त नहीं की थी। इसका फायदा उठाते हुए आरोपी ने 12 और 13 अगस्त की कक्षाओं के दौरान बच्चों के साथ बदसलूकी की।