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चिकनगुनिया और डेंगू से बचाव के लिए बाबा रामदेव के रामबाण उपाय
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 18 Sep 2016 10:43 PM IST
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बाबा रामदेव का कहना है कि डेंगू और चिकनगुनिया से लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। इसके लिए प्रिवेंटिव तरीके अपनाने चाहिए। इन दोनों बीमारियों का घर पर ही इलाज संभव है। बाबा रामदेव के अनुसार डेंगू और चिकनगुनिया के मच्छर कमजोर लोगों को टारगेट करते हैं। बच्चों, महिलाओं और जो बुजुर्गों को इनसे सबसे ज्यादा खतरा होता है। इनकी प्रतिरोधक क्षमता या कहें इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। किसी की मौत डेंगू और चिकनगुनिया के कारण नहीं होती। मौत का कारण बीपी कम होना, प्लेटलेट की संख्या में गिरावट होना, लीवर का कमजोर होना होती है। इन सभी को मजबूत रखने में गिलोय, अनार, एलोवीरा, पपीते का पत्ते का रस मदद करते हैं।
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पंचकूला में बाबा रामदेव का योगा प्रशिक्षण शिविर
- फोटो : फाइल फोटो
गिलोय एक तरह की लता है जो आमतौर पर सड़क के किनारे लगी मिल जाती है। उनकी डंडी तोड़ कर उनके पत्ते के कूट लें। इसके बाद उसे 400एमएल पानी में उबालें। खौलने के बाद जब लगभग 100 एमएल पानी बचे तो उसे छानकर रख लें। इसके बाद इस प्रत्येक दो घंटे में दो-दो चम्मच लें। इस रस से काफी आराम मिलता है। इसे पीने से बीपी घटना रुक जाता है। प्लेटलेट्स बढ़ने लगते हैं। इसके सेवन से पहले दिन प्लेटलेट बढ़कर 15 हजार हो जाते हैं इसके बाद 2-3 दिन में यह 2से 3 लाख तक पहुंच जाते हैं। इससे पल्स रेट भी बढ़ जाती है। यह लीवर को भी असर करता है। सबसे ज्यादा फायदा गिलोय का डंडा करता है लेकिन पत्ते भी उनके साथ पीसें।
चंद्रप्रभावटी दवा लेने से चिकनगुनिया में होने वाले जोड़ों का दर्द और सूजन में कमी आती है। पुनर्नवादी मंडूर दवा सूजन को कम करती है और लीवर को मजबूत बनाती है। पुनर्नवादी मंडूर की गोली दो-दो सुबह-दोपहर-शाम लेने से मरीज को फायदा मिलता है। जब एलोपैथिक दवाओं से बुखार न उतरे तो महासुदर्शन धनवटी, ज्वर नाशक वटी का सेवन करें इससे बुखार कम होता है।
चंद्रप्रभावटी दवा लेने से चिकनगुनिया में होने वाले जोड़ों का दर्द और सूजन में कमी आती है। पुनर्नवादी मंडूर दवा सूजन को कम करती है और लीवर को मजबूत बनाती है। पुनर्नवादी मंडूर की गोली दो-दो सुबह-दोपहर-शाम लेने से मरीज को फायदा मिलता है। जब एलोपैथिक दवाओं से बुखार न उतरे तो महासुदर्शन धनवटी, ज्वर नाशक वटी का सेवन करें इससे बुखार कम होता है।
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बाबा रामदेव
अनार का जूस डेंगू और चिकनगुनिया में बेहद फायदेमंद होता है। इन दोनों बीमारियों का जो असर लीवर पर होता है उसे अनार खाकर कम किया जाता है। अनार का जूस पीने और अनार खाने से लीवर को बहुत लाभ होता है। पेट की किसी भी बीमारी में अनार खाने से फायदा होता है। अनार, ऐलोवेरा , पपीते के पत्ते , गेंहू के जवारे का रस, घृतकुमारी और गिलोय के रस को मिलाकर दिन में कई बार पीने से डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों को काफी आराम मिलता है। बाबा रामदेव का दावा है कि यदि मरीज इन नुस्खों को सही तरह से आजमायें तो मरीज की इन बीमारियों से मौत नहीं होगी और वह जल्द स्वस्थ हो जाएगा।