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भीड़ से नाराज आजम खां मंच से उतरे, जाकर बैठ गए दर्शकों के साथ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Mon, 27 Jun 2016 11:32 PM IST
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मंच पर कुर्सियों के लिए धक्कामुक्की पर भड़के आजम खान।
- फोटो : अमर उजाला
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आजम खां जैसे ही साढ़े तीन बजे विवि के ऑडिटोरियम में मंच पर पहुंचे, तो देखकर दंग रह गए कि मंच पर सपाइयों का कब्जा था। मुख्य सीटों के पीछे लगभग 50 कार्यकर्ता मंच पर थे। जिनमें महानगर कार्यकारिणी, प्रत्याशी आदि सभी बैठे थे। दरअसल सभी ने धक्कामुक्की कर कुर्सियां कब्जा ली थीं। बस... आजम खां उखड़ गए।
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उन्होंने कहा कि आप ही लोग मंच पर विराजमान रहें, मैं चला। यह कहते हुए वह मंच से नीचे उतर गए और आम कार्यकर्ताओं के बीच भीड़ में जा बैठे। यहां भीड़ में महानगर उपाध्यक्ष शैलेंद्र अग्रवाल भी बैठे थे। उन्होंने तत्काल अपनी सीट छोड़ी। आजम वहीं बैठ गए। बाद में सभी कार्यकर्ता उतरे, तब जाकर आजम मंच पर पहुंचे।
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आजम ने तत्काल माइक संभाला और नसीहत दी कि ऐसे बनो कि खुद ही लोग मंच पर बुलाएं। रामपुर का नवाब इतना कमीना था कि पूछो मत। उससे लोग त्रस्त थे, पर आज वह राज खत्म हो गया। जनता का प्रिय बनोगे, तो कुर्सी और मंच अपने आप मिल जाएगा।
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दरअसल आजम इस बात से नाराज हुए कि एक कैंसर पीड़ित बच्चे को लेकर एक महिला उनसे गुहार लगाने पहुंची थी और सपाइयों ने उसे मंच से उतार दिया। खुद सीटों पर जम गए। बाद में आजम ने घोषणा की, कि इस पीड़ित को वे प्रदेश सरकार से हर सूरत में आर्थिक मदद दिलाएंगे। उसका इलाज फ्री करवाएंगे।
शहीद सतीश के नाम पर पेयजल योजना
गांव बली निवासी सीआरपीएफ के जवान सतीश चंद मावी की शहादत को सूबे के कैबिनेट मंत्री आजम खां ने श्रद्धांजलि दी। आजम सोमवार दोपहर ढाई बजे दिल्ली से सीधा भोला झाल पहुंचे और मेरठ पेयजल योजना यानी गंगाजल प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया। बाद में उन्होंने विवि के ऑडिटोरियम में घोषणा कर दी कि इस पेयजल योजना का नाम शहीद सतीश चंद बली पेयजल योजना रखा जाता है। उन्होंने कहा कि हमने इस परिवार से इस बारे में पूछा भी नहीं है, पर यह उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।