Ayush Gupta: पांच प्रीलिम्स और चार मेन्स के बाद हरदोई के आयुष बने IAS, बताई 10 रुपये के नोट से जु़ड़ी यह कहानी
कहानी है हरदोई के रहने वाले आयुष गुप्ता की। आयुष लगातार 2019 से यूपीएससी सीएसई की परीक्षा दे रहे थे। लेकिन सफलता उन्हें चौथे साल 2022 में मिली। आयुष न केवल मेरिट लिस्ट में आए बल्कि उन्होंने ऑल इंडिया रैंक (एआईआर) 180 भी प्राप्त की।
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‘करत-करत अभ्यास ते, जड़मत होत सुजान, रसरी आवत जात है, सिल पर पड़त निसान’ यह कहावत तो हमने बचपन में बहुत सुनी होगी लेकिन हरदोई के एक युवक ने इस कहावत को चरिचार्थ कर दिखाया है। तीन साल की असफलताओं के बाद भी युवक हारा नहीं बल्कि, उसने लगातार मेहनत की और चौथी बार सफलता हासिल करके दिखाई।
तीन साल की असफलताओं के बाद हासिल की एआईआर-180
यह कहानी है हरदोई के रहने वाले आयुष गुप्ता की। आयुष लगातार 2019 से यूपीएससी सीएसई की परीक्षा दे रहे थे। लेकिन सफलता उन्हें चौथे साल 2022 में मिली। आयुष न केवल मेरिट लिस्ट में आए बल्कि उन्होंने ऑल इंडिया रैंक (एआईआर) 180 भी प्राप्त की। आयुष को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) आवंटित किया गया है।
10 रुपये को हमेशा साथ रखा
आईएएस में चयन को लेकर आयुष ने हाल ही में सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने 10 रुपये के एक नोट की फोटो साझा करते हुए कहा कि मैं इस 10 रुपये को पिछले पांच वर्षों से अपने साथ अपने बटुए में रखता हूं। मैं जब-जब परीक्षा में असफल हुआ, तब-तब मैंने इसपर क्रॉस का निशान लगा दिया। आखिरकार इस साल मैं सफल हुआ और आईएएस बन गया। आयुष ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पांच प्रीलिम्स, चार मेन्स और तीन साक्षात्कार के बाद आखिरकार लंबे सफर का सुखद अंत हुआ। बता दें, आयुष अब लाल बहादुर शास्त्री नेशनल अकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन, मनाली में ट्रेनिंग करने जाएंगे और वहां सफल अधिकारी बनने के सभी गुर सीखेंगे।