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कोविड-19 के आयुर्वेदिक इलाज को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
Fri, 11 Dec 2020 03:46 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, पुणे।
एजेंसी, पुणे।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 11 Dec 2020 03:46 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
आयुर्वेद का लोहा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी माना जाने लगा है। मशहूर रिसर्च जर्नल नेचर्स ने कोविड-19 (कोरोना वायरस) महामारी के इलाज के लिए आयुर्वेदिक रिसर्च प्रोटोकॉल को प्रकाशित किया है।
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चिकित्सा शोध के प्रकाशन में वैश्विक स्तर पर बेहद विश्वसनीय नाम माने जाने वाले नेचर्स जर्नल में पहली बार किसी आयुर्वेकि रिसर्च को मौका दिया गया है। पुणे की सावित्रीबाई फुले यूनिवर्सिटी की जर्नल कमेटी ने भी इस बात की पुष्टि की है।
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दरअसल डॉ. सुरेश पटनाकर के नेतृत्व वाली पुणे के युवा डॉक्टरों की टीम के इस शोध में कोरोना वायरस के आयुर्वेद में मौजूद विभिन्न इलाज को सभी के सामने लाने का प्रयास किया है। शोध में कहा गया है कि आयुर्वेद में दर्जनों ऐसे उपाय दिए गए हैं, जो किसी महामारी का इलाज करने में इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
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शोध के मुताबिक, आयुर्वेद विज्ञान में कई उपायों का जिक्र है, जो एक महामारी के दौरान इस्तेमाल किए जा सकते हैं। आयुर्वेदिक दवाओं को मान्यता देने के लिए आधुनिक चिकित्सा में कोई परीक्षण पैरामीटर आयोजित कर सके।
इन्हीं हालात को ध्यान में रखकर एएमएआई ट्रस्ट तथा पुणे के ऐस हॉस्पिटल ने इस चुनौती को स्वीकार किया। इसके लिए डॉ. सुरेश पाटनकर के निर्देशन में टीम गठित की गई।
इस टीम में वीडी. ऋषिकेश रंगनेकर, फिजिशियन डॉ. किशोर सूर्यवंशी, डॉ. प्रवीण सोनी, इम्युनिटी स्पेशलिस्ट डॉ. कल्पना जोशी और इम्युनिटी वैज्ञानिक डॉ. तेजस शाह शामिल हैं। यह टीम अपने शोध के जरिये कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए प्रोटोकॉल तय करेगी।