Ayodhya Verdict 2019: फैसले से असंतुष्ट दिखे ओवैसी, कहा- अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उच्चतम न्यायालय ने शनिवार को राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है। इसे लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमिन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अदालत के फैसले को लेकर अपनी नाखुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि हम फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। हमें खैरात में नहीं पांच एकड़ जमीन चाहिए।
Asaduddin Owaisi: Not satisfied with the verdict. Supreme Court is indeed supreme but not infallible. We have full faith in the constitution, we were fighting for our right, we don't need 5 acre land as donation. We should reject this 5 acre land offer, don't patronize us. pic.twitter.com/wKXYx6Mo5Q
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) November 9, 2019
ओवैसी ने कहा, 'फैसले से खुश नहीं हूं। उच्चतम न्यायालय वास्तव में सर्वोच्च है लेकिन ऐसा नहीं कि उससे कोई चूक नहीं हो सकती। हमें संविधान पर पूरा भरोसा है। हम अपने अधिकार के लिए लड़ रहे हैं। हमें दान के रूप में पांच एकड़ की जमान नहीं चाहिए। हमें इस 5 एकड़ भूमि के प्रस्ताव को अस्वीकार करना चाहिए, हमें संरक्षण नहीं चाहिए।'
उन्होंने कहा कि मस्जिद की जमीन का कोई सौदा नहीं किया जा सकता। ओवैसी ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को इस पर विचार करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि अगर बाबरी मस्जिद नहीं टूटती तो उच्चतम न्यायालय क्या फैसला लेता? साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा चुनावों में इन चीजों का इस्तेमाल करेगी।