{"_id":"5c67375cbdec2211a00c83b3","slug":"ayodhya-petition-challenging-land-acquisition-act-in-constitution-bench","type":"story","status":"publish","title_hn":"अयोध्या : भूमि अधिग्रहण कानून को चुनौती देने वाली याचिका संविधान पीठ को भेजी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अयोध्या : भूमि अधिग्रहण कानून को चुनौती देने वाली याचिका संविधान पीठ को भेजी
Sat, 16 Feb 2019 03:34 AM IST
संदीप भट्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संदीप भट्ट
Updated Sat, 16 Feb 2019 03:34 AM IST
विज्ञापन
Ayodhya Dispute
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या में विवादित स्थल के आसपास की जमीन के अधिग्रहण से जुड़े 1993 के केंद्रीय कानून की सांविधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका को संविधान पीठ के पास भेज दिया गया है। अब इसकी सुनवाई अयोध्या के मुख्य मामले के साथ होगी। याचिका लखनऊ के एक वकील समेत अन्य ने दायर की है।
विज्ञापन
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने कहा कि हम याचिका को संविधान पीठ के पास विचार के लिए भेज रहे हैं। इससे पहले मुस्लिम पक्षकारों की पैरवी करने वाले वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने 25 साल पहले इस्माइल फारुखी मामले में दिए फैसले पर पुनर्विचार की गुहार की है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि संसद को राज्य की जमीन को अधिगृहीत करने का अधिकार नहीं है।
विज्ञापन
याचिका में दावा किया गया है कि राज्य को अपने भूभाग में धार्मिक संस्थानों के प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर नियम बनाने का अधिकार है। अयोध्या एक्ट, 1993 संविधान के अनुच्छेद-25 के तहत मिले अधिकार का उल्लंघन है। अदालत से अपील की गई है कि विवादित स्थल के आसपास की 67.703 एकड़ जमीन पर पूजा, दर्शन पर केंद्र और यूपी सरकार दखल नहीं दे। केंद्र सरकार ने 29 जनवरी को आवेदन दाखिल कर विवादित स्थल को छोड़ करीब 67 एकड़ जमीन मूल मालिकों को वापस करने की अपील की थी।
विज्ञापन