वंदे भारत ट्रेनों का आकर्षण: पराग्वे खरीदने को इच्छुक; भारत को इस रेलवे परियोजना से जुड़ने का न्योता भी दिया
भारत में निर्मित वंदे भारत ट्रेन को लेकर पराग्वे के अलावा चिली, कनाडा और मलयेशिया भी रुचि जता चुके हैं। पिछले साल इन देशों ने मेक इन इंडिया के तहत बनी इस ट्रेन को आयात करने की इच्छा जताई थी।
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केंद्रीय इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना ने भारत में निर्मित वंदे भारत ट्रेनों के आयात की इच्छा जताई है। केंद्रीय मंत्री ने सोमवार को पेना के साथ हुई वार्ता में भारतीय रेलवे में विकास के मौकों पर चर्चा की।वैष्णव ने बैठक में हुई चर्चा की जानकारी सोशल मीडिया पर देते हुए बताया कि वंदे भारत ट्रेनों के आयात में रुचि दिखाने के अलावा पराग्वे के राष्ट्रपति ने भारत को सेंट्रल बाय-ओशनिक रेलवे कॉरिडोर परियोजना (अटलांटिक और प्रशांत महासागरों को जोड़ने वाली) में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया। वंदे भारत ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को मजबूत करने की दिशा में भारत सरकार के प्रयासों का प्रतिबिंब है। एजेंसी
चिली, कनाडा व मलयेशिया भी दिखा चुके वंदेभारत में रुचि
भारत में निर्मित वंदे भारत ट्रेन को लेकर पराग्वे के अलावा चिली, कनाडा और मलयेशिया भी रुचि जता चुके हैं। पिछले साल इन देशों ने मेक इन इंडिया के तहत बनी इस ट्रेन को आयात करने की इच्छा जताई थी। दरअसल, दूसरे देशों में इसी श्रेणी की ट्रेन तैयार करने में 180 करोड़ रुपये तक की लागत आती है। वहीं भारत में यह ट्रेन 120-130 करोड़ रुपये में ही तैयार हो जाती है। देशों के इसे आयात करने के पीछे का यही एक प्रमुख कारण है।
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160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ती है ट्रेन, उच्च श्रेणी की सुविधाएं बनाती हैं खास
पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को 15 फरवरी, 2019 को नई दिल्ली-कानपुर-प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर हरी झंडी दिखाई गई थी। यह ट्रेन अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने में सक्षम है और इसमें शताब्दी ट्रेन जैसी यात्रा श्रेणियां हैं, लेकिन इसकी सुविधाएं उच्च श्रेणी वाली हैं। यही इस ट्रेन को खास बनाता है।
जोधपुर में बन रहा देश का पहला वंदे भारत रखरखाव केंद्र
राजस्थान के जोधपुर रेल मंडल के भगत की कोठी में देश का पहला वंदे भारत ट्रेनों के लिए रखरखाव डिपो बनाया जा रहा है। जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने मंगलवार को बताया कि जोधपुर मंडल के भगत की कोठी में बन रहा वंदे भारत रखरखाव डिपो पूरे भारत से वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव का काम संभालेगा। 600 मीटर में फैले इस डिपो में एक साथ तीन ट्रेनों की सर्विस के लिए तीन पिट लाइन होंगी। देशभर में ऐसे चार और डिपो की योजना है, लेकिन यह पहला निर्माणाधीन है। त्रिपाठी ने कहा, रखरखाव डिपो का निर्माण 2025 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।