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अटल की याद में ढह गई दल-विचारधारा की दीवार, भावुक हुए आडवाणी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 21 Aug 2018 07:17 AM IST
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अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा दोस्त बनाने वाले पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की याद में सोमवार को आयोजित सर्वदलीय श्रद्घांजलि सभा में विचारधारा और राजनीति की दीवार ढह गई। दलीय राजनीति से ऊपर उठ कर सभी दलों के नेताओं ने वाजपेयी से जुड़ी अपनी यादों को साझा करते हुए उन्हें महान व्यक्तित्व बताया।
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कांग्रेस केवरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने जब यह कहा कि जीवन पर सबको साथ ले कर चलने वाले वाजपेयी अपने मृत्यु केबाद भी अलग-अलग विचारों को एक जगह इकट्ठा करने में सफल रहे तो इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में देर तक तालियां बजती रहीं। इस दौरान वाजपेयी को याद करते हुए लालकृष्ण आडवाणी कई बार भावुक हुए तो कई बार उनका गला रूंध गया।
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लड़खड़ाते कदमों से श्रद्घांजलि सभा में आए आडवाणी के जब बोलने की बारी आई तो वह डायर पर खड़े हो कर कुछ देर शून्य को निहारते रहे। उन्होंने कहा अपने 65 वर्ष पुराने मित्र को खोने का दर्द वह बयां नहीं कर सकते।
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आजतक ऐसी कोई सभा नहीं हुई, जहां उन्होंने वाजपेयी की अनुपस्थिति में अपनी बात रखी हो। मैंने कभी कल्पना भी नहीं की होगी कि एक दिन मुझे ऐसे भी आयोजन को संबोधित करना होगा। इस दौरान आडवाणी कई बार लड़खड़ाए तो कई बार मौन भी रहे।
उन्होंने कहा कि मेरी आत्मकथा जिसमें अटलजी का जिक्र था केविमोचन के अवसर पर अटलजी नहीं थे। उस समय उन्हें बेहद कष्ट हुआ था। आज जब अटलजी हमारे बीच नहीं हैं तो मुझे कितना कष्ट हो रहा होगा यह समझा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि उन्हें जब बहुत कष्ट होता था जब अटलजी कहते थे मैं कितने दिन रहूंगा। इस दौरान आडवाणी ने अटल द्वारा कई बार खिचड़ी पका कर खिलाने की बात बताई। साथ साथ सिनेमा देखने साथ-साथ पढ़ने को याद किया। उन्होंने कहा कि अटलजी ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया। वह हमेशा उनसे सीखते रहे।
अटल ने विराट वृक्ष तैयार किया: भागवत
इस दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अटल को याद करते हुए कहा कि स्वयंसेवक को सार्वजनिक जीवन में कैसे रहना चाहिए, अटल इसके अनुकरणीय उदाहरण हैं। उन्होंने जड़ों को सींच सींच कर एक विराट वृक्ष तैयार किया।
इन्होंने की शिरकत
सर्वदलीय श्रद्घांजलि सभा में गृहमंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, फारुख अब्दुल्ला, पी. थंबीदुरई, डी राजा, गुलाम नबी आजाद, रामविलास पासवान, अनुप्रिया पटेल, बाबा रामदेव, स्वामी अवधेशानंद, फारुख अब्दुल्ला, ओमप्रकाश राजभर, उपेंद्र कुशवाहा, दुष्यंत चौटाला, महबूबा मुफ्ती, रामदास अठावले, सतीश मिश्रा, आनंद शर्मा सहित कई अन्य नेता मौजूद थे