Year Ender 2020: दुर्लभ खगोलीय घटनाएं, एस्टेरॉयड, धूमकेतु, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण के सुंदर दृश्यों ने मोहा मन
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यह साल सिर्फ कोरोना वायरस और लॉकडाउन के लिए ही याद नहीं किया जाएगा, बल्कि धरती से आसमान तक घटी अनेक यादगार घटनाओं के लिए जाना जाएगा। इस साल अंतरिक्ष में भी कई घटनाएं घटी, जिसे पृथ्वी से आसानी से देखा गया। इन दृश्यों ने लोगों के मन को तो लुभाया ही, साथ ही अंतरिक्ष प्रेमियों को भी कई सरप्राइज दिए।
इस साल एस्टेरॉयड, ब्लू मून, फुल मून, उल्कापिंड, धूमकेतुु, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण, बुध-मंगल-शुक्र-गुरू के एक सीध में आने जैसे अद्भुत, मनमोहक और सुंदर खगोलीय घटनाएं घटी। इस साल कुल पांच ग्रहण लगे, जिसमें दो सूर्य ग्रहण तो तीन चंद्र ग्रहण थे। 21 जून को लगा सूूर्य ग्रहण भारत में पूर्ण रूप से देखा गया। आइए ऐसी ही कुछ साल भर में बीती खगोलीय घटनाओं को याद करते हैं...
धूमकेतु NEOWISE की घटना
यह धूमकेतु तीन जुलाई को सूर्य का चक्कर लगाकर धरती की ओर आ रहा था। 23 जुलाई को यह धरती के एकदम नजदीक दिखा। अब ऐसा धूमकेतु दोबारा 6,400 साल बाद दिखाई देगा। इस धूमकेतु ने दुनिया में लोगों को काफी खुश कर दिया और लोग इसी की चर्चा करने लगे। इसी धूमकेतु को मार्च में खोजा गया था और सूर्यास्त के बाद कुछ मिनट के लिए इसे देखा भी गया था।
Have you captured images of Comet NEOWISE? Submit them via the form below and they could be featured in today’s #NASAScience Live at 3pm ET.
— NASA Asteroid Watch (@AsteroidWatch) July 15, 2020
Form closes at 11am ET: https://t.co/ZfVwL2nBAN
Have questions about Comet NEOWISE? Use #askNASA pic.twitter.com/lmkmaImmJc
साल में दो सूर्य ग्रहण की घटना
इस साल का सबसे पहला सूर्य ग्रहण बहरीन में देखने को मिला, हालांकि मुंबई में भी सुबह दस बजे सूर्य ग्रहण हुआ लेकिन समाप्ति के समय बारिश पड़ गई जिस वजह सूर्य ग्रहण को साफ तौर पर नहीं देखा गया। 21 जून 2020 के दिखाई दिया इस बार का सूर्यग्रहण वलयाकार (रिंग ऑफ फायर) होने की वजह से बेहद खास था। इसमें चांद पूरी तरह से सूर्य को नहीं ढंक पाता है और सूर्य का बाहरी हिस्सा आग के छल्ले की तरह नजर आता है।
नेपाल में ऐसा दिखाई दिया सूर्यग्रहण
#SolarEclipse2020 as seen in Kathmandu of Nepal.
— ANI (@ANI) June 21, 2020
As per Nepal's BP Koirala Memorial, Planetarium Observatory and Science Museum Development Board the solar eclipse will be visible from 10:52 am to 2:32 pm today. pic.twitter.com/4peHmaoVyB
उत्तराखंड में सूर्य ग्रहण का नजारा
Uttarakhand: #SolarEclipse2020 as seen in the skies of Dehradun. pic.twitter.com/Zg0zOpwIou
— ANI (@ANI) June 21, 2020
दिल्ली में सूर्य ग्रहण
Beautiful #SolarEclipse2020 , great to watch it here in Delhi today pic.twitter.com/RjGT1naIan
— Maya Kadosh (@MayaKadosh) June 21, 2020
इस साल सबसे पहले पांच जून का सूर्य ग्रहण लगा, इसके बाद 21 जून को सूर्य ग्रहण लगा, जिसमें रिंग ऑफ फायर को देखा गया। भारत के अलावा यह सूर्यग्रहण नेपाल, पाकिस्तान, सऊदी अरब, यूएई, इथियोपिया और कांगो में दिखाई दिया। इसके अलावा भारत में अगला सूर्यग्रहण 25 अक्तूबर को दिखाई दिया।
एस्टेरॉयड की घटना
29 अप्रैल को एक विशाल एस्टेरॉयड धरती के पास से गुजरा। इसके गुजर जाने के बाद वैज्ञानिकों ने राहत की सांस ली। 1998 OR2 नाम का यह एस्टेरॉयड 29 अप्रैल को पृथ्वी के पास आने वाला था और करीब महीने भर से लोगों की निगाहें इस पर थीं। हालांकि ये एस्टेरॉयड 40 मील के फासले से ही निकल गया। यह एस्टेरॉयड धरती से गुजर चुका है और नासा इसके मूवमेंट पर नजर बनाए हुए हैं। यह भारतीय समयानुसार दोपहर 3.30 बजे के आस-पास पृथ्वी के निकट होकर गुजरा था।
We were just about 3.9 million miles far from the “1998 OR2” on this 29,April 2020. That was really close. pic.twitter.com/bAa9p5GcjS
— Milky Way Astronomers (@MAstronomers) May 1, 2020
Have you been hearing about asteroid 1998 OR2’s close approach on April 29? Rest assured that this asteroid will safely pass Earth by 3.9 million miles/6.2 million km. Have other questions about #asteroids and #planetarydefense? Ask them using #askNASA! pic.twitter.com/a3WhttAoED
— NASA Asteroid Watch (@AsteroidWatch) April 14, 2020
जून में एक बार फिर दिखा एस्टेरॉयड
जून महीने में एक रात अचानक तेज रोशनी हुई, दूर से देखकर लग रहा था जैसे कोई आग का गोला तेज रफ्तार से आसमान को चीरता हुआ जा रहा हो। हालांकि यह तय नहीं हो पाया कि यह उल्कापिंड था, धूमकेतु था या कुछ और। यह घटना पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में 15 जून की रात को हुई थी। रात एक बजे का समय था, जब यह घटना हुई। जबकि भारतीय समयानुसार यह घटना 16 जून की रात साढ़े आठ बजे की है। कुछ अंतरिक्ष यात्रियों का मानना है कि ये कोई मानव निर्मित अंतरिक्ष मलबा हो सकता है, जो किसी रॉकेट लॉन्च से छूटकर आया हो।
A fireball flashes across the night sky in Western Australia’s remote Pilbara
— James Hirsen (@thejimjams) June 16, 2020
pic.twitter.com/UF9JqNIRiR