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1962 में पहली बार हुआ था अमिट स्याही का इस्तेमाल, जानिए दिलचस्प तथ्य
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 11 Oct 2018 02:43 PM IST
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छत्तीसगढ़ चुनाव
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छत्तीसगढ़ में चुनावी गहमागहमी इन दिनों जोरों पर है। नक्सल प्रभावित राज्य होने के कारण यहां दो चरणों में चुनाव हो रहा है। पहले चरण में 12 नवंबर को जबकि दूसरे चरण में 20 नवंबर को मतदान होगा। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से मतदान के दौरान उंगली में स्याही नहीं लगाए जाने की मांग उठ रही है। ग्रामीणों को अंदेशा है कि उंगली में स्याही लगी देखकर नक्सल उनपर हमला कर सकते हैं। बस्तर के दो जिलों के प्रशासन ने इस संबंध में चुनाव आयोग से मार्गदर्शन मांगा है।
दिलचस्प तथ्य है कि इस अमिट स्याही का इस्तेमाल पहली बार 1962 के तीसरे आम चुनाव में हुआ था ताकि फर्जी मतदान रोका जा सके। यह स्याही मैसूर में बनाई जाती है जो लगाने के बाद 60 सेकेंड में ही सूख जाती है।
कुछ दिलचस्प तथ्य
-मैसूर के महाराजा नालवाड़ी कृष्णराज वाडियर ने 1937 में एक कंपनी मैसूल लैक एंड पेंट्स लिमिटेड बनाई थी जो अब मैसूर पेंट्स एंड वॉरनिश लिमिटेड के नाम से जानी जाती है।
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- यह स्याही सिंगापुर, थाइलैंड, नाइजीरिया, मलेशिया, पाकिस्तान, कनाडा, द. अफ्रीका सहित कई देशों को भेजी जाती है।
-पहली बार ये अमिट स्याही 1962 के आम चुनाव में इस्तेमाल हुई थी ताकि मतदान में फजीवाड़ा रोका जा सके।
दो चरणों में मतदान
राज्य में पहले चरण में नक्सल प्रभावित 18 सीटों पर 12 नवंबर को मतदान होगा। इसमें राजनांदगांव, खुज्जी, सुकमा, खैरागढ़, डोंगरगढ़, अंतागढ़, डोंगरगांव, कांकेर, मोहला-मानपुर, बस्तर, केशकाल, भानुप्रतापपुर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, जगदलपुर, चित्रकोट और बीजापुर कोंटा शामिल हैं।
वहीं, दूसरे चरण में 72 सीटों पर 20 नवंबर को मतदान होगा। चुनाव के लिए 16 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की जाएगी और 11 दिसंबर को मतों की गिनती होगी।
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दिलचस्प तथ्य है कि इस अमिट स्याही का इस्तेमाल पहली बार 1962 के तीसरे आम चुनाव में हुआ था ताकि फर्जी मतदान रोका जा सके। यह स्याही मैसूर में बनाई जाती है जो लगाने के बाद 60 सेकेंड में ही सूख जाती है।
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कुछ दिलचस्प तथ्य
-मैसूर के महाराजा नालवाड़ी कृष्णराज वाडियर ने 1937 में एक कंपनी मैसूल लैक एंड पेंट्स लिमिटेड बनाई थी जो अब मैसूर पेंट्स एंड वॉरनिश लिमिटेड के नाम से जानी जाती है।
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- यह स्याही सिंगापुर, थाइलैंड, नाइजीरिया, मलेशिया, पाकिस्तान, कनाडा, द. अफ्रीका सहित कई देशों को भेजी जाती है।
-पहली बार ये अमिट स्याही 1962 के आम चुनाव में इस्तेमाल हुई थी ताकि मतदान में फजीवाड़ा रोका जा सके।
दो चरणों में मतदान
राज्य में पहले चरण में नक्सल प्रभावित 18 सीटों पर 12 नवंबर को मतदान होगा। इसमें राजनांदगांव, खुज्जी, सुकमा, खैरागढ़, डोंगरगढ़, अंतागढ़, डोंगरगांव, कांकेर, मोहला-मानपुर, बस्तर, केशकाल, भानुप्रतापपुर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, जगदलपुर, चित्रकोट और बीजापुर कोंटा शामिल हैं।
वहीं, दूसरे चरण में 72 सीटों पर 20 नवंबर को मतदान होगा। चुनाव के लिए 16 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की जाएगी और 11 दिसंबर को मतों की गिनती होगी।