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Army: असम राइफल्स ने ड्रोन इंटीग्रेशन प्रशिक्षण से बढ़ाई परिचालन क्षमता, लगातार कौशल विकास और नवाचार पर फोकस
सार
Army: असम राइफल्स ने ड्रोन इंटीग्रेशन और ऑपरेशन पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया, जिससे जवानों की तकनीकी और परिचालन क्षमता में वृद्धि हुई। इस प्रशिक्षण में मिशन प्लानिंग, डाटा विश्लेषण और ड्रोन संचालन के व्यावहारिक कौशल सिखाए गए।
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असम राइफल्स
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारत की उत्तर पूर्व की सीमाओं पर सुरक्षा को और मजबूत और अभैद्य बनाने पर जोर दिया जा रहा है। सेना की पूर्वी कमान अपने जवानों को हर तरह से प्रशिक्षित कर रहा है, जो आने वाले वक्त में सबसे अहम साबित हो सकते हैं। इसी कड़ी में असम राइफल्स ने हाल ही में एक विशेष ड्रोन इंटीग्रेशन और ऑपरेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया, जिसका उद्देश्य बल के जवानों की परिचालन तत्परता और तकनीकी दक्षता को और सुदृढ़ करना था। इस पहल के तहत अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स (यूएएस) के उपयोग को निगरानी, टोही और वास्तविक समय की स्थितिजन्य जागरूकता के लिए मजबूत बनाया गया।
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असम राइफल्स
- फोटो : अमर उजाला
रक्षा प्रवक्ता के मुताबिक प्रशिक्षण में मिशन प्लानिंग, डाटा विश्लेषण और ड्रोन संचालन तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया। प्रतिभागियों को ड्रोन हैंडलिंग के व्यावहारिक कौशल सिखाए गए, जिससे उनकी तकनीकी समझ और अनुकूलन क्षमता में वृद्धि हुई। कोर्स के दौरान सटीकता, सुरक्षा और समन्वित टीमवर्क के महत्व पर भी बल दिया गया। यह पहल असम राइफल्स की इस प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि बल आधुनिक तकनीक को ‘फोर्स मल्टीप्लायर’ के रूप में अपनाते हुए पूर्वोत्तर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के अपने मिशन को और प्रभावी बना रहा है। लगातार कौशल विकास और नवाचार पर ध्यान केंद्रित करते हुए असम राइफल्स बदलती परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को विकसित कर रहा है।
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ऐसे दूरदर्शी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में निवेश कर असम राइफल्स ने अपने उच्च व्यावसायिक मानकों और परिचालन उत्कृष्टता के प्रति अपनी निष्ठा को एक बार फिर दोहराया है, और अपने गौरवशाली उपनाम “सेंटिनल्स ऑफ द नॉर्थ ईस्ट” (पूर्वोत्तर के प्रहरी) की भावना को सशक्त रूप से जीवंत रखा है।
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