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एनआरसी : असम सरकार की अपील पर आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख बढ़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 12 Dec 2018 11:08 PM IST
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NRC
सुप्रीम कोर्ट ने असम के नेशनल रजिस्ट्रर फॉर सिटिजंस (एनआरसी) के अंतिम ड्राफ्ट में बाहर हुए 40 लाख लोगों को दावों व आपत्तियों को दर्ज कराने की तारीख 15 दिसंबर से बढ़ाकर 31 दिसंबर तक कर दी है। असम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से समय सीमा बढ़ाने की गुहार की थी।
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और रोहिंग्टन नरीमन की पीठ ने बुधवार को असम सरकार की अर्जी को स्वीकार करते हुए दावों व आपत्तियों को दर्ज कराने की तारीख 31 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दी। साथ ही पीठ ने इसके सत्यापन की अंतिम तारीख भी एक फरवरी 2019 से बढ़ाकर 15 फरवरी 2019 तक के लिए बढ़ा दी है।
सुनवाई के दौरान एनआरसी कॉर्डिनेटर प्रतीक हजेला ने पीठ को बताया कि अब तक 14.8 लाख लोगों ने दावे व आपत्तियां जताई है। असम सरकार ने राज्य में पंचायत चुनाव का हवाला देते हुए अंतिम तारीख बढ़ाने की गुहार की थी। साथ ही सरकार का कहना था कि चूंकि अशिक्षित और कम पढ़े लिखे लोगों के लिए यह मुश्किल भरा काम है।
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लिहाजा एसओपी के बारे जानकारी का अभाव होने के कारण अब तक कम लोगों ने दावों व आपत्तियां दर्ज कराई है। मालूम हो कि 30 जुलाई को जारी एनआरसी के अंतिम ड्राफ्ट में 3.29 करोड़ लोगों में से करीब 40 लाख लोग बाहर हो गए थे।
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चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और रोहिंग्टन नरीमन की पीठ ने बुधवार को असम सरकार की अर्जी को स्वीकार करते हुए दावों व आपत्तियों को दर्ज कराने की तारीख 31 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दी। साथ ही पीठ ने इसके सत्यापन की अंतिम तारीख भी एक फरवरी 2019 से बढ़ाकर 15 फरवरी 2019 तक के लिए बढ़ा दी है।
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सुनवाई के दौरान एनआरसी कॉर्डिनेटर प्रतीक हजेला ने पीठ को बताया कि अब तक 14.8 लाख लोगों ने दावे व आपत्तियां जताई है। असम सरकार ने राज्य में पंचायत चुनाव का हवाला देते हुए अंतिम तारीख बढ़ाने की गुहार की थी। साथ ही सरकार का कहना था कि चूंकि अशिक्षित और कम पढ़े लिखे लोगों के लिए यह मुश्किल भरा काम है।
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लिहाजा एसओपी के बारे जानकारी का अभाव होने के कारण अब तक कम लोगों ने दावों व आपत्तियां दर्ज कराई है। मालूम हो कि 30 जुलाई को जारी एनआरसी के अंतिम ड्राफ्ट में 3.29 करोड़ लोगों में से करीब 40 लाख लोग बाहर हो गए थे।