Hindi News ›   India News ›   Assam: land mafia and the revenue department nexus evicted the people of Assam from their land

'वोट' और 'घुसपैठ' के बीच फंसे असम की कहानी: अब 'जमीन-जंगल' नहीं, हो रही 'पहचान' बचाने की लड़ाई

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Sat, 25 Sep 2021 07:05 PM IST

सार

जानकारों का कहना है कि बांग्लादेश से आए लोग जंगल में घुसकर बैठ जाते हैं। कुछ दिन बाद वे घर बना लेते हैं। कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं कि जिनमें राजनीतिक हस्तक्षेप से सीमा पार के लोगों को जमीन का पट्टा दे दिया जाता है। अस्सी के दशक में ऐसा बहुत घालमेल हुआ था। वोट के चक्कर में विधायकों द्वारा घुसपैठ कराई जाती है। करीमगंज जैसे कई इलाके हैं, जहां बड़े पैमाने पर घुसपैठ हुई है...
असम के दरंग में झड़प
असम के दरंग में झड़प - फोटो : Social Media
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विस्तार

असम के दरंग जिले में अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस के साथ लोगों की झड़क हो गई। दो लोग मारे गए और दर्जनभर घायल हुए हैं। ऑल माइनॉरिटी ऑर्गेनाइजेशन कोऑर्डिनेशन कमेटी के आह्वान पर 12 घंटे का बंद रखा गया। राज्य सरकार ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज के नेतृत्व में इस घटना की जांच कराने की बात कही है। दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने साफतौर से कह दिया है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान नहीं थमेगा। अवैध अतिक्रमणकारियों को जमीन छोड़नी होगी। सिलचर में रह रहे प्रो. ज्योतिलाल चौधरी कहते हैं, ये 'वोट' और 'घुसपैठ' के बीच फंसे असम की कहानी है। अब 'जमीन-जंगल' ही नहीं, 'पहचान' बचाने की लड़ाई हो रही है। असम के लोगों के लिए बाहर जाने जैसी स्थिति हो गई है। एक राजनीतिक पार्टी 'घुसपैठ' कराती है तो दूसरी पार्टी की सरकार जंगल पर हुए कब्जे हटवा रही है। ऐसे में तो दरंग जैसी घटना आगे भी दोहराई जा सकती है।

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