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Assam: सरकार का फिर चला पैसों के बदले नौकरी घोटाले मामले में चाबुक, 15 एसीएस और एपीएस अधिकारी बर्खास्त
Fri, 01 Dec 2023 03:02 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Fri, 01 Dec 2023 03:02 PM IST
सार
पिछले हफ्ते असम पुलिस की विशेष जांच टीम ने 2014 में असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) कैश-फॉर-जॉब घोटाले के सिलसिले में दो सिविल सेवकों को गिरफ्तार किया था। वहीं, अब 15 अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
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Assam Public Service Commission
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विस्तार
असम सरकार ने 2014 में असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) पैसों के बदले नौकरी घोटाले को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। उसने इस मामले में कथित संलिप्तता को लेकर राज्य सिविल सेवा और पुलिस सेवा के 15 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
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गुरुवार को जारी आदेशों के माध्यम से निलंबित किए गए 15 अधिकारियों में से 11 असम पुलिस सेवा (एपीएस) से हैं और बाकी असम सिविल सेवा (एएससी) से हैं।
पिछले हफ्ते भी किया था गिरफ्तार
गौरतलब है, पिछले हफ्ते असम पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने 2014 में असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) कैश-फॉर-जॉब घोटाले के सिलसिले में दो सिविल सेवकों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार दोनों सिविल सेवकों से गुवाहाटी में असम पुलिस की विशेष शाखा (एसबी) में पूछताछ जारी है। जबकि एसआईटी के समक्ष पेश होने के लिए कई अन्य को समन जारी किया गया है।
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यह हैं आरोप
कार्मिक विभाग द्वारा जारी निलंबन अधिसूचनाओं में कहा गया है कि इन अधिकारियों की नियुक्ति घोटाला करके हुई थी। वहीं, याचिका में कहा गया है कि इन अधिकारियों की भर्ती के लिए एपीएससी ने सिफारिश की थी, जो गलत था। इन लोगों ने जिस तरह अपनी नौकरी हासिल की वह भ्रष्टाचार है।
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आपराधिक मामले में जांच चल रही
अधिसूचना में कहा गया कि इन लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले में जांच चल रही है। ऐसे में पद पर रहने की अनुमति देना लोक सेवा के हित में नहीं हो सकता है और इससे सरकार को शर्मिंदगी उठानी पड़ सकती है। इसलिए अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
यह है मामला
लोक सेवा आयोग में उक्त घोटाला पूर्व कांग्रेस सरकार के जमाने में हुआ था। उस दौरान दर्जनों उम्मीदवारों ने रिश्वत देकर लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास की थी। इससे पहले पुलिस ने बीते साल नवंबर में आयोग के अध्यक्ष राकेश कुमार पाल को इसी मामले में गिरफ्तार किया था। उससे पहले पुलिस ने एक इंजीनियर को गिरफ्तार किया था जो अध्यक्ष की ओर से रिश्वत वसूल रहा था। इस घोटाले में अब तक दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।