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Assam: सीएम हिमंत बोले- कुछ लोग अंग्रेजी को अपनाते हैं, लेकिन वे हिंदी को समान मान्यता नहीं देते
Wed, 05 Mar 2025 05:27 PM IST
एन अर्जुन
अमर उजाला, गुवाहाटी
अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: एन अर्जुन
Updated Wed, 05 Mar 2025 05:27 PM IST
सार
उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों के लिए राजभाषा सम्मेलन में मुख्यमंत्री सरमा ने सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने में क्षेत्रीय भाषाओं की अहम भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने लोगों से भारत की स्वदेशी भाषाओं पर गर्व करनेका आह्वान करते हुए यह भी बताया कि हिंदी सीखने से रोजगार और व्यापार के अवसरों में विस्तार होता है।
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा
- फोटो : ANI
विस्तार
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को किसी का नाम लिए बिना कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग अंग्रेजी को अपनाते हैं, लेकिन वे हिंदी को समान मान्यता नहीं देते। यहां क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, हिंदी को न केवल भारत की आधिकारिक भाषा, बल्कि सभी भारतीयों के दिलों में गूंजने वाली एक भाषा है।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण भारत में इस समय हिंदी को लेकर वहां के मुख्यमंत्री काफी बवाल कर रहे हैं। उन्होंने हिंदी को एकता की शक्ति के रूप में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों के लिए राजभाषा सम्मेलन में मुख्यमंत्री सरमा ने सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने में क्षेत्रीय भाषाओं की अहम भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने लोगों से भारत की स्वदेशी भाषाओं पर गर्व करनेका आह्वान करते हुए यह भी बताया कि हिंदी सीखने से रोजगार और व्यापार के अवसरों में विस्तार होता है।
हिमंता ने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग अंग्रेजी को अपनाते हैं, लेकिन वे हिंदी को समान मान्यता नहीं देते। हिंदी को क्षेत्रीय भाषाओं के साथ अपनाना चाहिए, क्योंकि यह रोजगार और
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व्यापार के बड़े अवसरों के दरवाजे खोलता है। यह केवल हमारे देश की आधिकारिक भाषा नहीं है, बल्कि हर भारतीय के दिल की भाषा है। इस सम्मेलन ने भाषाई समावेशिता की आवश्यकता को रेखांकित किया और विविध भाषाई समुदायों के बीच हिंदी को एक सेतु के रूप में बढ़ावा देने के प्रयासों को प्रोत्साहित किया।
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उल्लेखनीय है कि दक्षिण भारत में इस समय हिंदी को लेकर वहां के मुख्यमंत्री काफी बवाल कर रहे हैं। उन्होंने हिंदी को एकता की शक्ति के रूप में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों के लिए राजभाषा सम्मेलन में मुख्यमंत्री सरमा ने सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने में क्षेत्रीय भाषाओं की अहम भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने लोगों से भारत की स्वदेशी भाषाओं पर गर्व करनेका आह्वान करते हुए यह भी बताया कि हिंदी सीखने से रोजगार और व्यापार के अवसरों में विस्तार होता है।
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हिमंता ने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग अंग्रेजी को अपनाते हैं, लेकिन वे हिंदी को समान मान्यता नहीं देते। हिंदी को क्षेत्रीय भाषाओं के साथ अपनाना चाहिए, क्योंकि यह रोजगार और
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व्यापार के बड़े अवसरों के दरवाजे खोलता है। यह केवल हमारे देश की आधिकारिक भाषा नहीं है, बल्कि हर भारतीय के दिल की भाषा है। इस सम्मेलन ने भाषाई समावेशिता की आवश्यकता को रेखांकित किया और विविध भाषाई समुदायों के बीच हिंदी को एक सेतु के रूप में बढ़ावा देने के प्रयासों को प्रोत्साहित किया।