फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Assam cm himanta biswa sarma said demography is matter of life and death for me infiltration serious issue

Himanta Biswa: 'जनसांख्यिकी बदलाव मेरे लिए जीने-मरने का सवाल', असम सीएम बोले- अवैध घुसपैठ बड़ी समस्या

Wed, 17 Jul 2024 03:43 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: नितिन गौतम Updated Wed, 17 Jul 2024 03:43 PM IST
सार

असम सीएम ने कहा कि 'घुसपैठियों को वापस भेजना, केंद्र सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। ये राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। मैं असम में ये काम रोजाना करता हूं, अगर आप अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे तो फिर आप कुर्सी पर क्यों हैं?'

विज्ञापन
Assam cm himanta biswa sarma said demography is matter of life and death for me infiltration serious issue
असम सीएम हिमंता बिस्व सरमा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने देश में हो रही अवैध घुसपैठ को लेकर गहरी चिंता जाहिर की। उन्होंने राज्य सरकारों पर वोटबैंक की राजनीति के चलते अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाया। असम सीएम ने कहा कि जनसांख्यिकी बदलाव उनके लिए जीने-मरने का मुद्दा है। 
विज्ञापन


असम सीएम ने लगाए गंभीर आरोप
रांची पहुंचे असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने मीडिया से बात अवैध घुसपैठ को लेकर कहा कि 'घुसपैठिए पहले असम और पश्चिम बंगाल से घुसते हैं और फिर वहां से झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ पहुंचते हैं। झारखंड हाईकोर्ट ने भी राज्य सरकार को निर्देश दिया था वह घुसपैठियों की पहचान करे और उन्हें वापस भेजे। घुसपैठियों की पहचान करना और उन्हें वापस भेजने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। यह केंद्र सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। मैं असम में ये काम रोजाना करता हूं, अगर आप अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे और ये कहेंगे कि दिल्ली में बैठी केंद्र सरकार को ये काम करना चाहिए तो फिर आप कुर्सी पर क्यों हैं? आपको कुर्सी छोड़ देनी चाहिए और फिर हम ये काम करके दिखाएंगे।'
विज्ञापन

 

'जनसांख्यिकी बदलाव जीवन-मरण का मामला'
असम सीएम ने जनसांख्यिकी बदलाव को लेकर कहा कि 'जनसांख्यिकी में बदलाव मेरे लिए बड़ा मुद्दा है। असम में मुस्लिम जनसंख्या आज बढ़कर 40 प्रतिशत हो गई है, जबकि साल 1951 में ये सिर्फ 12 प्रतिशत थी। हम कई जिले खो चुके हैं। यह मेरे लिए राजनीतिक मुद्दा नहीं है। यह मेरे लिए जीने-मरने का सवाल है।'

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed