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CM Himanta: '1971 की निर्णायक जीत का भारत को नहीं मिला फायदा', सीएम हिमंत ने कांग्रेस पर साधा निशाना

Sun, 11 May 2025 03:42 PM IST
नीतीश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नीतीश कुमार Updated Sun, 11 May 2025 03:42 PM IST
सार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने 1971 की भारत-पाक युद्ध जीत के बाद इंदिरा गांधी के नेतृत्व की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश निर्माण के बाद भारत ने कई रणनीतिक अवसर खो दिए, जिससे स्थायी लाभ नहीं मिल पाया।

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assam cm himanta biswa on indira bangladesh 1971 war indira gandhi strategic failure
हिमंत बिस्वा सरमा - फोटो : PTI

विस्तार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि भारत-पाकिस्तान युद्ध में ऐतिहासिक जीत के बाद बांग्लादेश के निर्माण के समय की स्थिति को उन्होंने ठीक से नहीं संभाला। उन्होंने इस अवसर को "ऐतिहासिक भूल" बताया।
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एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए सरमा ने लिखा, "भारत की 1971 की सैन्य विजय निर्णायक थी, लेकिन राजनीतिक नेतृत्व रणनीतिक लाभ सुनिश्चित नहीं कर पाया।"
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सेकुलर समर्थन लेकिन बना इस्लामिक राष्ट्र
सरमा ने कहा कि भारत ने एक धर्मनिरपेक्ष बांग्लादेश के निर्माण का समर्थन किया था, लेकिन 1988 में वहां इस्लाम को राज्य धर्म घोषित कर दिया गया। आज वहां राजनीतिक इस्लाम हावी है, जो उन मूल्यों के विपरीत है जिनके लिए भारत ने समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में पहले हिंदू आबादी 20% थी, जो अब 8% से भी कम रह गई है। इसके पीछे संगठित भेदभाव और हिंसा जिम्मेदार हैं, जिसे भारत ने लंबे समय तक नज़रअंदाज़ किया।
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‘चिकन नेक’ कॉरिडोर रहा असुरक्षित
सरमा ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भारत ने सैन्य प्रभुत्व के बावजूद इस भू-भाग की भौगोलिक कमजोरी को दूर नहीं किया। यदि उत्तरी बांग्लादेश के माध्यम से एक सुरक्षित कॉरिडोर बनाया जाता, तो पूर्वोत्तर भारत अधिक जुड़ाव महसूस करता।

अवैध प्रवासियों की समस्या का हल नहीं निकला
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1971 के बाद भारत ने बांग्लादेशी घुसपैठियों की वापसी को लेकर कोई ठोस समझौता नहीं किया। इसका परिणाम यह हुआ कि असम, बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में जनसंख्या असंतुलन और सामाजिक अस्थिरता देखने को मिल रही है।

सरमा ने यह भी आरोप लगाया कि भारत ने रणनीतिक दृष्टि से चिटगांव बंदरगाह तक पहुंच सुनिश्चित नहीं की, जिससे पूर्वोत्तर क्षेत्र अब भी भू-आवृत्त (landlocked) बना हुआ है।


बांग्लादेश बना उग्रवादियों का अड्डा
उन्होंने बताया कि कई दशकों तक बांग्लादेश भारत-विरोधी उग्रवादी संगठनों का गढ़ बना रहा, क्योंकि 1971 में भारत ने सुरक्षा गैप को भरने में विफलता दिखाई।

मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट का समापन करते हुए कहा, “1971 की जीत के बावजूद भारत ने कई रणनीतिक अवसर गंवाए, और यह जीत कूटनीतिक चुप्पी की वजह से कमजोर पड़ गई।”असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तीखी आलोचना करते हुए कहा है कि भारत-पाकिस्तान युद्ध में ऐतिहासिक जीत के बाद बांग्लादेश के निर्माण के समय की स्थिति को उन्होंने ठीक से नहीं संभाला। उन्होंने इस अवसर को "ऐतिहासिक भूल" बताया।
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