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हिमंत के साथ मंत्री पद की शपथ लेने वाले नेता कौन?: अतुल बोरा सबसे अमीर, छह बार की महिला विधायक सबसे पढ़ी-लिखीं

Tue, 12 May 2026 12:27 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Tue, 12 May 2026 12:27 PM IST
सार

असम में मंगलवार को हिमंत बिस्व सरमा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ चार और विधायकों- अतुल बोरा, चरण बोरो, रामेश्वर तेली और अजंता न्योग ने भी मंंत्री पद की शपथ ली। इन सभी नेताओं के पास लंबा राजनीतिक अनुभव रहा है। आइये जानते हैं इन सभी नेताओं के बारे में...

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Assam Cabinet Oath Taking Chief  Minister Himanta Biswa Sarma and his Ministers From Atul Bora to Ajanta Neog
हिमंत बिस्व सरमा कैबिनेट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

असम में नए मंत्रिमंडल का शपथग्रहण मंगलवार (12 मई) को हुआ। भाजपा नेता हिमंत बिस्व सरमा ने लगातार दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। उनके साथ चार और नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। जिन नेताओं ने शपथग्रहण में हिस्सा लिया, उनमें भाजपा की सहयोगी पार्टी- बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (बीपीएफ) और असम गण परिषद (एजीपी) के नेता भी शामिल रहे। इसके अलावा हिमंत कैबिनेट में एक छह बार की महिला विधायक को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। 
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आइये जानते हैं हिमंत के नए कैबिनेट के चेहरों के बारे में...

1. अतुल बोरा

अतुल बोरा असम के एक प्रमुख नेता और असम गण परिषद (एजीपी) के अध्यक्ष हैं। उनका जन्म 7 अप्रैल 1960 को असम के गोलाघाट जिले के बोराही गांव में हुआ था। उन्होंने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एमए (परास्नातक) और कानून की डिग्री (एलएलबी) हासिल की है।
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अपने छात्र जीवन में उन्होंने असम आंदोलन में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था। वे ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) के आयोजन सचिव, महासचिव और बाद में अध्यक्ष भी रहे। बोरा ने 1995 में असम गण परिषद (एजीपी) के कार्यकर्ता के रूप में मुख्यधारा की राजनीति में प्रवेश किया। 

विधायक का सफर: वे पहली बार 1996 में गोलाघाट निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुने गए और 2001 तक इस पद पर रहे। वर्तमान में, वे 2016 से लगातार बोकाखाट निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने सर्बानंद सोनोवाल और हिमंत बिस्व सरमा दोनों के मंत्रिमंडलों में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया है। उनके पास कृषि, बागवानी, पशुपालन और पशु चिकित्सा, शहरी विकास और असम समझौते के कार्यान्वयन जैसे महत्वपूर्ण विभाग रहे हैं। 

वे 2011 से 2014 तक पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष रहे और 15 जुलाई 2014 को उन्हें असम गण परिषद का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। हालिया 2026 के विधानसभा चुनावों में बोकाखाट सीट बरकरार रखने के बाद, 12 मई 2026 को उन्होंने हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री के रूप में फिर से शपथ ली है।

संपत्ति और आपराधिक मामले: उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल घोषित संपत्ति लगभग 6.87 करोड़ रुपये है, जबकि उनके ऊपर लगभग 19.88 लाख रुपये की देनदारी है। उन पर एक आपराधिक मामला दर्ज है, जो लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात (आईपीसी की धारा 409) से संबंधित है और जिस पर अभी आरोप तय नहीं हुए हैं।
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2. रामेश्वर तेली

रामेश्वर तेली असम में भाजपा के प्रमुख नेता हैं। वे विशेष रूप से असम के चाय बागान समुदाय के एक कद्दावर नेता माने जाते हैं। उनका जन्म 14 अगस्त 1970 को असम के दुलियाजान में हुआ था।  उनके पिता का नाम बुधू तेली और माता का नाम दुलका तेली है। उनके पिता एक ड्राइवर थे और तेली का बचपन काफी संघर्षपूर्ण रहा। किशोरावस्था में वे स्नैक्स के लिए ब्रेड खरीदने हेतु रतालू और फर्न बेचा करते थे। इन कठिन परिस्थितियों के बीच भी उन्होंने 1989 तक 10वीं कक्षा की शिक्षा प्राप्त कर ली।

उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत ऑल असम टी ट्राइब स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एएटीटीएसए) के स्थानीय नेता के रूप में की थी। वे पहली बार 2001 में दुलियाजान निर्वाचन क्षेत्र से असम विधानसभा के सदस्य (विधायक) चुने गए और 2011 तक इस पद पर रहे। 

राजनीतिक करियर: 2014 से 2024 तक उन्होंने लोकसभा में डिब्रूगढ़ क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और बाद में अगस्त 2024 में राज्यसभा के सांसद भी बने। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया।

हालांकि, करीब एक दशक तक संसद में रहने के बाद 2026 के विधानसभा चुनाव में वे फिर से दुलियाजान सीट से जीतकर राज्य की राजनीति में लौटे। अब उन्होंने सरमा के मंत्रिमंडल में मंत्री पद की शपथ ली है।

वित्तीय और कानूनी जानकारी: 2026 के हलफनामे के मुताबिक, उनकी कुल घोषित संपत्ति लगभग 3.17 करोड़ रुपये है। उनका कानूनी रिकॉर्ड बिल्कुल साफ है और उन पर कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।

3. चरण बोरो

चरण बोरो असम के राजनीतिक दल बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (बीपीएफ) पार्टी के कद्दावर नेता हैं। वे मजबत निर्वाचन क्षेत्र से लगातार तीसरी बार विधानसभा के लिए चुने गए हैं। उन्होंने पिछली सरकार के मंत्रिमंडल में परिवहन मंत्री के रूप में कार्य किया था। चुनावों से पहले भाजपा के बीपीएफ के साथ गठबंधन समझौते के हिस्से के रूप में वे पिछले साल सरमा सरकार में शामिल हुए थे। 


 

46 वर्षीय चरण बोरो के एक उच्च-शिक्षित नेता हैं; उन्होंने 2003 में गुवाहाटी विश्वविद्यालय से गणित में मास्टर डिग्री हासिल की है। बाद में उन्होंने राजनीति और व्यवसाय को अपना पेशा बनाया। 

वित्तीय और कानूनी स्थिति: उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके पास लगभग 6.18 करोड़ रुपये की कुल घोषित संपत्ति है। इसके उलट, उनके ऊपर लगभग 4.37 करोड़ रुपये की देनदारी भी है। आपराधिक मामले में उनका रिकॉर्ड बिल्कुल साफ है और उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।

ये भी पढ़ें: हिमंत बिस्व सरमा फिर बने असम के सीएम: कांग्रेस के दो CM से मिली सियासी समझ, पर BJP में बन पाए मुख्यमंत्री

4. अजंता न्योग

अजंता न्योग असम भाजपा का प्रमुख महिला चेहरा हैं। वे राज्य की सबसे लंबे समय तक विधायक रहने वाली महिला और असम की पहली महिला वित्त मंत्री होने का गौरव रखती हैं। उनका जन्म 1964 में गुवाहाटी में हुआ था। उनके पिता का नाम शशधर दास और माता का नाम रेवती दास है। आज जिस जालुकबाड़ी सीट से हिमंत चुनाव जीत रहे हैं, कभी उसी सीट से अजंता की मां रेवती भी विधायक रहीं।
 
अजंता का विवाह नेता और पूर्व मंत्री कर्मश्री नगेन न्योग से हुआ था। 1996 में उल्फा उग्रवादियों ने उनके पति की हत्या कर दी थी, जिसके बाद ही अजंता न्योग ने राजनीति में प्रवेश किया। वे एक उच्च-शिक्षित नेता हैं। उन्होंने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से एमए, एलएलबी और 2001 में एलएलएम की डिग्री हासिल की है। राजनीति में आने से पहले उन्होंने कुछ वर्षों तक गुवाहाटी उच्च न्यायालय में एक वकील के रूप में प्रैक्टिस भी की। 

राजनीतिक करियर: पति की मृत्यु के बाद उन्होंने कांग्रेस से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। बाद में 2020 में वे कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गईं। वे गोलाघाट निर्वाचन क्षेत्र से लगातार अजेय रही हैं। 2001 में पहली बार विधायक बनने के बाद, वे 2006, 2011, 2016, 2021 में विजयी रहीं और 2026 के विधानसभा चुनाव में भी जीत के साथ यह उनका लगातार छठा कार्यकाल है।
 
उन्होंने असम सरकार में वित्त के साथ-साथ महिला एवं बाल विकास मंत्री के रूप में कार्य किया है। 

वित्तीय और कानूनी विवरण: उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल घोषित संपत्ति लगभग 3.55 करोड़ रुपये है, जिसमें 1.21 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 2.34 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। उनके ऊपर कोई भी कर्ज या देनदारी नहीं है। वहीं, उनका कानूनी रिकॉर्ड बिल्कुल साफ है और उन पर कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।

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