{"_id":"6420a005252c138f200221d6","slug":"assam-arunachal-ministers-meet-to-discuss-border-issues-today-latest-news-in-hindi-2023-03-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Border Issues: सीमा विवाद हल करने के लिए एक टेबल पर आए असम और अरुणाचल प्रदेश के मंत्री, बैठक में किया मंथन","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Border Issues: सीमा विवाद हल करने के लिए एक टेबल पर आए असम और अरुणाचल प्रदेश के मंत्री, बैठक में किया मंथन
Mon, 27 Mar 2023 01:12 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
पीटीआई, गुवाहाटी
पीटीआई, गुवाहाटी
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Mon, 27 Mar 2023 01:12 AM IST
सार
असम के शिक्षा मंत्री रानोज पेगू ने ट्वीट किया, असम प्रशासनिक स्टाफ कॉलेज में आज आयोजित असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा क्षेत्रीय समिति की बैठक में भाग लिया। हमने दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद का स्थायी समाधान खोजने पर विचार-विमर्श किया।
विज्ञापन
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू(फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीमा विवाद को सुलझाने के लिए रविवार को असम और अरुणाचल प्रदेश के मंत्रियों एवं शीर्ष अधिकारियों की बीच बैठक हुई। असम के मंत्रियों ने कहा कि बैठक में जल्द ही लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान खोजने पर विचार-विमर्श किया गया।
असम के शिक्षा मंत्री रानोज पेगू ने ट्वीट किया, असम प्रशासनिक स्टाफ कॉलेज में आज आयोजित असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा क्षेत्रीय समिति की बैठक में भाग लिया। हमने दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद का स्थायी समाधान खोजने पर विचार-विमर्श किया। बैठक की अध्यक्षता पेगू के कैबिनेट सहयोगी जयंत मल्ला बरुआ और अरुणाचल प्रदेश के मंत्री तुमके बागरा ने संयुक्त रूप से की, जिसमें जिलों के विधायकों के साथ चर्चा की गई।
बरुआ ने ट्वीट किया, असम प्रशासनिक स्टाफ कॉलेज में असम अरुणाचल प्रदेश सीमा मुद्दे पर विचार-विमर्श करने के लिए 5 घंटे की क्षेत्रीय समिति की बैठक हुई। एचएचएम श्री @AmitShah जी के नेतृत्व में, हम बहुत जल्द एक उचित समाधान खोजने के लिए तैयार हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और उनके अरुणाचल समकक्ष पेमा खांडू के साथ पिछले साल 15 जुलाई को नमसाई घोषणा पर हस्ताक्षर करने के बाद सीमा विवाद को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने जल्द ही समाधान खोजने का संकल्प लिया था।
विज्ञापन
दोनों राज्यों के बीच यह है विवाद
दोनों राज्य 804.1 किमी लंबी सीमा साझा करते हैं। अरुणाचल प्रदेश की शिकायत है कि 1972 में केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था, यहां के कई मैदानी और जंगली इलाके जो पारंपरिक रूप से पहाड़ी आदिवासी प्रमुखों और समुदायों से संबंधित थे, एकतरफा असम में स्थानांतरित कर दिए गए थे। 1987 में अरुणाचल प्रदेश को राज्य का दर्जा मिलने के बाद, एक त्रिपक्षीय समिति नियुक्त की गई जिसने सिफारिश की कि कुछ क्षेत्रों को असम से अरुणाचल में स्थानांतरित किया जाए। असम ने इसका विरोध किया और मामला सुप्रीम कोर्ट में है।
विज्ञापन
असम के शिक्षा मंत्री रानोज पेगू ने ट्वीट किया, असम प्रशासनिक स्टाफ कॉलेज में आज आयोजित असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा क्षेत्रीय समिति की बैठक में भाग लिया। हमने दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद का स्थायी समाधान खोजने पर विचार-विमर्श किया। बैठक की अध्यक्षता पेगू के कैबिनेट सहयोगी जयंत मल्ला बरुआ और अरुणाचल प्रदेश के मंत्री तुमके बागरा ने संयुक्त रूप से की, जिसमें जिलों के विधायकों के साथ चर्चा की गई।
विज्ञापन
बरुआ ने ट्वीट किया, असम प्रशासनिक स्टाफ कॉलेज में असम अरुणाचल प्रदेश सीमा मुद्दे पर विचार-विमर्श करने के लिए 5 घंटे की क्षेत्रीय समिति की बैठक हुई। एचएचएम श्री @AmitShah जी के नेतृत्व में, हम बहुत जल्द एक उचित समाधान खोजने के लिए तैयार हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और उनके अरुणाचल समकक्ष पेमा खांडू के साथ पिछले साल 15 जुलाई को नमसाई घोषणा पर हस्ताक्षर करने के बाद सीमा विवाद को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने जल्द ही समाधान खोजने का संकल्प लिया था।
विज्ञापन
दोनों राज्यों के बीच यह है विवाद
दोनों राज्य 804.1 किमी लंबी सीमा साझा करते हैं। अरुणाचल प्रदेश की शिकायत है कि 1972 में केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था, यहां के कई मैदानी और जंगली इलाके जो पारंपरिक रूप से पहाड़ी आदिवासी प्रमुखों और समुदायों से संबंधित थे, एकतरफा असम में स्थानांतरित कर दिए गए थे। 1987 में अरुणाचल प्रदेश को राज्य का दर्जा मिलने के बाद, एक त्रिपक्षीय समिति नियुक्त की गई जिसने सिफारिश की कि कुछ क्षेत्रों को असम से अरुणाचल में स्थानांतरित किया जाए। असम ने इसका विरोध किया और मामला सुप्रीम कोर्ट में है।