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Assam: संघ-हिंदू संगठनों के खिलाफ रची जा रही थी साजिश; जानें सुरक्षा बलों ने कैसे नाकाम किए आतंकियों के मंसूबे
Fri, 20 Dec 2024 07:08 AM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी/कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी/कोलकाता
Published by: शुभम कुमार
Updated Fri, 20 Dec 2024 07:08 AM IST
सार
असम पुलिस के डीजीपी हरमीत सिंह ने बताया कि असम और प. बंगाल में स्लीपर सेल को सक्रिय करने के लिए आतंकी रदी बांग्लादेश से इसी साल नवंबर में भारत आया था। केरल जाने से पहले साद ने असम और प. बंगाल में यात्रा की थी
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सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
असम पुलिस ने प. बंगाल व केरल एसटीएफ के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ ने एक बांग्लादेशी समेत 8 आतंकियों को गिरफ्तार किया। ये गिरफ्तारियां इन तीन राज्यों की एसटीएफ ने 17-18 नवंबर की रात केरल, प. बंगाल, और असमें एक साथ छापे मारकर कीं। गिरफ्तार आतंकियों में एक बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद साद रदी उर्फ मोहम्मद शब शेख भी शामिल है। इसका संबंध आतंकी संगठन अलकायदा से बताया जा रहा है। इसे ऑपरेशन प्रघात नाम दिया गया।
असम पुलिस ने दी जानकारी
असम पुलिस के डीजीपी हरमीत सिंह ने बताया कि असम और प. बंगाल में स्लीपर सेल को सक्रिय करने के लिए आतंकी रदी बांग्लादेश से इसी साल नवंबर में भारत आया था। केरल जाने से पहले साद ने असम और प. बंगाल में यात्रा की थी, जहां उसने समान विचारधारा वाले व्यक्तियों की भर्ती की थी।
इसका उद्देश्य आरएसएस और अन्य हिंदू संगठनों के नेताओं व सदस्यों को निशाना बनाना था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मिनारुल शेख, मोहम्मद अब्बास अली, नूर इस्लाम मंडल, अब्दुल करीम मंडल, मोजबिर रहमान, हमीदुल इस्लाम, इनामुल हक के रूप में हुई। ऑपरेशन के दौरान कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। ब्यूरो
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जिसमें मोबाइल फोन, प्रचार सामग्री, बांग्लादेशी की पहचान वाले दस्तावेज और पेन ड्राइव शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में में नूर इस्लाम मंडल को 2015 में राष्ट्रीय सुरक्षा विरोधी गतिविधियों के लिए गिरफ्तार किया गया था। उसने भर्ती अभियानों में केंद्रीय भूमिका निभाई थी।
भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की थी योजना
डीजीपी हरमीत सिंह ने बताया कि मॉड्यूल की गतिविधियों में हथियारों और गोला-बारूद की खरीद भी शामिल है। इसका उद्देश्य भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ना है। साक्ष्य बताते हैं कि यह मॉड्यूल राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता को कमजोर करने के लिए कट्टरपंथी समूहों की क्षमताओं को मजबूत करने की कोशिश कर रहा था। असम पुलिस के अधिकारी इस जांच की निगरानी कर रहे हैं।
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असम पुलिस ने दी जानकारी
असम पुलिस के डीजीपी हरमीत सिंह ने बताया कि असम और प. बंगाल में स्लीपर सेल को सक्रिय करने के लिए आतंकी रदी बांग्लादेश से इसी साल नवंबर में भारत आया था। केरल जाने से पहले साद ने असम और प. बंगाल में यात्रा की थी, जहां उसने समान विचारधारा वाले व्यक्तियों की भर्ती की थी।
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इसका उद्देश्य आरएसएस और अन्य हिंदू संगठनों के नेताओं व सदस्यों को निशाना बनाना था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मिनारुल शेख, मोहम्मद अब्बास अली, नूर इस्लाम मंडल, अब्दुल करीम मंडल, मोजबिर रहमान, हमीदुल इस्लाम, इनामुल हक के रूप में हुई। ऑपरेशन के दौरान कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। ब्यूरो
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जिसमें मोबाइल फोन, प्रचार सामग्री, बांग्लादेशी की पहचान वाले दस्तावेज और पेन ड्राइव शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में में नूर इस्लाम मंडल को 2015 में राष्ट्रीय सुरक्षा विरोधी गतिविधियों के लिए गिरफ्तार किया गया था। उसने भर्ती अभियानों में केंद्रीय भूमिका निभाई थी।
भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की थी योजना
डीजीपी हरमीत सिंह ने बताया कि मॉड्यूल की गतिविधियों में हथियारों और गोला-बारूद की खरीद भी शामिल है। इसका उद्देश्य भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ना है। साक्ष्य बताते हैं कि यह मॉड्यूल राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता को कमजोर करने के लिए कट्टरपंथी समूहों की क्षमताओं को मजबूत करने की कोशिश कर रहा था। असम पुलिस के अधिकारी इस जांच की निगरानी कर रहे हैं।